
Baba Baijunath Temple: संतकबीर नगर के धनघटा क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण 300 साल पुराने बाबा बैजूनाथ मंदिर अचानक भरभराकर गिर गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय मंदिर में कोई श्रद्धालु मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। यह वही मंदिर है जहां 25 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहुंचकर दर्शन-पूजन किया था और इसके संरक्षण व पर्यटन विकास को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए थे। मंदिर गिरने के बाद स्थानीय लोगों ने इसके पुनर्निर्माण की मांग उठाई है।
बाबा बैजूनाथ मंदिर हाल ही में उस समय चर्चा में आया था, जब 25 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां पहुंचे थे। उन्होंने मंदिर में दर्शन-पूजन किया था। धनघटा और खजनी विधानसभा क्षेत्र की ओर से आयोजित जनसभा को संबोधित करने से पहले मुख्यमंत्री ने मंदिर की ऐतिहासिक महत्त्व को देखते हुए यहां पूजा-अर्चना की थी। इस दौरान उन्होंने मंदिर के संरक्षण और पर्यटन विकास को लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश भी दिए थे।
ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर 300 साल पुराना था, लगातार हो रही बारिश के कारण इसकी संरचना कमजोर हो गई थी। पहले दीवारों में दरारें आईं और उसके बाद अचानक मंदिर का बड़ा हिस्सा गिर गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने मंदिर के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इसके जल्द पुनर्निर्माण की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह मंदिर क्षेत्र की आस्था और पुरानी विरासत से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए जल्द कदम उठाए जाने चाहिए।
मंदिर के गिरने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने कहा कि बाबा बैजूनाथ मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं बल्कि क्षेत्र की पुरानी पहचान भी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर का जल्द सर्वे कराया जाए और इसके पुनर्निर्माण की दिशा में कदम उठाए जाएं। लोगों का कहना है कि ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए सरकार और प्रशासन को आगे आना चाहिए।
रविवार को हुई इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। मंदिर गिरने के समय वहां श्रद्धालुओं की मौजूदगी नहीं थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। ग्रामीणों की मांग है कि 300 साल पुराने इस मंदिर को फिर से उसी सम्मान और स्वरूप के साथ तैयार किया जाएगा।