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राम मंदिर चोरी केस: टिन्नू और मनीष ने खोले कई बड़े राज, पत्नी के नाम कंपनी, बेटे के लिए खरीदी जमीन

Ayodhya Ram Mandir News: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पूछताछ के दौरान टिन्नू और मनीष ने कई अहम खुलासे किए। पुलिस को जमीन, पत्नी के नाम कंपनी और निवेश से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
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Tinnu Yadav Ram Mandir Case, Champat Rai Latest News

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में संदिग्ध टिन्नू यादव | फोटो सोर्स- patrika.com

Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों की संपत्ति और निवेश से जुड़ी अहम जानकारियां सामने आई हैं। मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और उसके भतीजे मनीष यादव से हुई पूछताछ में पुलिस को जमीन, ठेकेदारी फर्म और पैसों के इस्तेमाल से जुड़े अहम सुराग मिले है। वहीं, मंदिर परिसर में प्रशासनिक बदलाव के बाद पुराने आई-कार्ड पर भी रोक लगा दी गई है।

टिन्नू ने बताई जमीन और फर्म की जानकारी

सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में टिन्नू यादव ने सहादतगंज में अपने बेटे रवि यादव के नाम खरीदी गई जमीन के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा पत्नी के नाम से चल रही सौंदर्य कांस्ट्रक्शन कंपनी को लेकर भी कई जानकारी पुलिस को मिली है। पुलिस को शक है कि मंदिर चढ़ावे से जुड़ी रकम को इसी फर्म के माध्यम से इस्तेमाल या छिपाने की कोशिश की गई है।

मनीष ने चोरी की बात को स्वीकारा

पूछताछ में आरोपी मनीष यादव ने चढ़ावा चोरी करने की बात स्वीकार की है। उसने चोरी में टिन्नू यादव की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी है। मनीष ने बताया कि ड्यूटी पर तैनाती के कुछ समय बाद ही उसने चोरी की थी। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उसने चोरी की रकम से भंडारा करने, महंगे सामान खरीदने और कुछ निवेश करने की जानकारी दी है। पुलिस ने आरोपियों के कुछ करीबी रिश्तेदारों से भी पूछताछ की है।

संपत्ति और निवेश की जांच जारी

पुलिस अधिकारियों ने अभी तक पूछताछ की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। हालांकि जांच टीम अब जमीन, निवेश और संभावित बरामदगी से जुड़े पहलुओं पर काम कर रही है। माना जा रहा है कि रिमांड की बची हुई अवधि में पुलिस दोनों आरोपियों से और पूछताछ कर सकती है।

चंपत राय के हस्ताक्षर वाले आई-कार्ड पर रोक

राम मंदिर के पूर्व महासचिव चंपत राय के हस्ताक्षर से जारी आई-कार्ड अब मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए मान्य नहीं माने जा रहे हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद कई इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों को प्रवेश द्वार से ही वापस लौटना पड़ा है। इससे निर्माण कार्यों की निगरानी में परेशानी आने की बात सामने आई है।

सभी पास का हो रहा सत्यापन

राम मंदिर परिसर में इस समय बाउंड्री वॉल, संग्रहालय भवन, ट्रस्ट कार्यालय, विश्राम गृह समेत कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन कामों से जुड़ी कई एजेंसियों के इंजीनियर और तकनीकी कर्मचारी रोजाना परिसर में आते हैं। सूत्रों के मुताबिक, अब सभी प्रवेश पास और पहचान पत्रों का दोबारा सत्यापन किया जा रहा है। इसी कारण पुराने आई-कार्ड पर रोक लगाई गई है।

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