
Satna News : केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) जबलपुर की एंटी एवेजन टीम ने ऑनलाइन गेमिंग कारोबार में मध्य प्रदेश के ही सतना में टैक्स चोरी के सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। बीते दिनों आयुक्त केंद्रीय जीएसटी के मार्गदर्शन में 300 करोड़ रुपए की संभावित जीएसटी कर चोरी करने का पता चला है। विभाग ने जीएसटी अधिनियम की धारा 67 के तहत कार्रवाई कर अब तक 1 करोड़ रुपए से अधिक की राशि भी वसूली की जा चुकी है।
विभागीय जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर सतना के पुष्पराज कॉलोनी में रहने वाले मेसर्स गाजिक प्राइवेट लिमिटेड की ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियों की पड़ताल की गई है। जांच के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि, इसी कंपनी से संबद्ध दो अन्य संस्थाएं खेलब्रो प्राइवेट लिमिटेड और स्किलब्रो प्राइवेट लिमिटेड भी एक ही पते यानी जी-11, शिखर भवन पुष्करणी पार्क के पास संचालित हो रही थीं।
इन तीनों कंपनियों के निदेशक भी समान व्यक्ति प्रतीक गजरानी और विपिन गजरानी ही पाए गए हैं, जिसके आधार पर व्यावसायिक संबंधों, आंतरिक गतिविधियों और वित्तीय लेन-देन की गहनता से स्क्रूटनी कर रहा है।
प्रारंभिक जांच और डिजिटल डेटा के विश्लेषण से संकेत मिले हैं कि, इन ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से बहुत बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन किए गए। कर चोरी का आंकड़ा शुरुआती दस्तावेजों पर आधारित है। इसमें आगे और भी बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। मौजूदा समय में इनके सभी बैंकिंग रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों का बारीकी से परीक्षण कर रहा है।
सीजीएसटी अधिकारियों के मुताबिक प्रकरण की जांच अभी प्रगति पर है। जांच पूरी होने के बाद जीएसटी अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत दोषियों के खिलाफ अंतिम कर देयता निर्धारित की जाएगी। टैक्स की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के लिए विभाग आने वाले दिनों में और भी कठोर वैधानिक कदम उठाने जा रहा है। ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में कर अनुपालन सुनिश्चित करने के लिहाज से इसे अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।