सतना

दिवाली पूजा में अगर रख ली ये 12 चीजें तो आंगन में बरसेगा धन, महालक्ष्मी को विशेष प्रिय है ये वस्तुएं

इस बार दीपावली का पर्व 27 अक्टूबर को मनेगा है। इस पर्व को मनाने से संबंधित वैसे तो अनेकों कथाएं मिलती हैं। जिनमें सबसे ज्यादा प्रचलित है भगवान राम की इस दिन अयोध्या वापसी होना।

2 min read
Oct 26, 2019
Diwali 2019: 12 things that attract goddess maha lakshmi

सतना। हिन्दू धर्म में दीपावली का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है। इस पर्व पर चाहे अमीर हो अथवा गरीब, सब लोग बड़ी सिद्धत से ये पर्व मनाते है। दीपों का पर्व कहे जाने वाले दिवाली का त्योहार कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है। इस बार दीपावली का पर्व 27 अक्टूबर को मनेगा है। इस पर्व को मनाने से संबंधित वैसे तो अनेकों कथाएं मिलती हैं। जिनमें सबसे ज्यादा प्रचलित है भगवान राम की इस दिन अयोध्या वापसी होना।

दिवाली के दिन राम दरबार के साथ माता लक्ष्मी और गणेश जी की भी पूजा की जाती है। यहां हम आपको माता लक्ष्मी की पूजन सामग्री में जुड़ी कुछ चीजें बताने जा रहे है। जो महालक्ष्मी की प्रिय वस्तुओं में शामिल है। शास्त्रों में बताया गया है कि अगर लक्ष्मी पूजन के समय इन वस्तुओं को इस्तेमाल करते है तो वह शीघ्र प्रसन्न होती हैं।

Patrika IMAGE CREDIT: Patrika

ये हैं प्रिय वस्तुएं
1- देवी लक्ष्मी को पुष्प में कमल और गुलाब का फूल काफी प्रिय है।
2- वस्त्र में इनका प्रिय वस्त्र लाल-गुलाबी या पीले रंग का रेशमी वस्त्र पसंद है।
3- फल में श्रीफल, सीताफल, बेर, अनार व सिंघाड़े प्रिय हैं।
4- सुगंध में केवड़ा, गुलाब, चंदन के इत्र का प्रयोग इनकी पूजा में अवश्य करें।
5- सभी अनाजों में चावल सबसे ज्यादा पसंद है।
6- मिठाई में घर पर बनी शुद्धता पूर्ण केसर की मिठाई या हलवे का नैवेद्य उपयुक्त है।

Patrika IMAGE CREDIT: Patrika

7- प्रकाश के लिए गाय का घी, मूंगफली या तिल्ली का तेल मां को शीघ्र प्रसन्न करता है।
8- मां लक्ष्मी को स्वर्ण आभूषण प्रिय हैं।
9- मां लक्ष्मी को रत्नों से विशेष स्नेह है।
10- उनकी अन्य प्रिय सामग्री में गन्ना, कमल गट्टा, खड़ी हल्दी, बिल्वपत्र, पंचामृत, गंगाजल, सिंदूर, भोजपत्र शामिल हैं।
11- मां लक्ष्मी के पूजन स्थल को गाय के गोबर से लीपा जाना चाहिए।
12- ऊन के आसन पर बैठकर लक्ष्मी पूजन करने से तत्काल फल मिलता है।

Published on:
26 Oct 2019 07:05 pm
Also Read
View All