सतना

एसिड से हमला करने वाले को आजीवन कारावास, एक लाख जुर्माना

एडीजे कोर्ट नागौद का फैसला, पीडि़त को एक लाख रुपए उपचार का खर्च देने के आदेश
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Updated: 16 Jan 2020, 1:18 AM IST
Life imprisonment for acid attacker, one lakh fine
Life imprisonment for acid attacker, one lakh fine

सतना. नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश करने के बाद एसिड से हमला करने वाले अभियुक्त को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नागौद दिनेश कुमार शर्मा की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अभियुक्त पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। एसिड के हमले से घायल को इलाज व चिकित्सीय खर्च पूरा करने के लिए अपील अवधि के बाद एक लाख रुपए देने के आदेश दिए। अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक विनोद प्रताप सिंह और राहुल सिंह ने अदालत में पैरवी की।

अभियोजन प्रवक्ता हरिकृष्ण त्रिपाठी ने बताया कि फरियादी पवन कुमार 23 अप्रैल 2014 को रात 8 बजे मैहर से लौटा और टोल प्लाजा में उतरकर ढाबा से खाना पैक कराया। ग्राम ककरहा में नहर के पास फरियादी खाना खा रहा था, तभी अभियुक्त राजबहोर उर्फ संजय ने उसे नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया। उसके बेहोश हो जाने के बाद अभियुक्त ने एसिड से हमला कर दिया। जब उसे होश आया तो वह गंभीर रूप से घायल था। उसकी दोनों जांघ, घुटना, हाथ, सिर सहित पैंट-शर्ट, बनियान एसिड से जले हुए थे। फरियादी की शिकायत पर पुलिस थाना उचेहरा ने अभियुक्त के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की।

फरियादी के कपड़ों में मिले हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के अंश

उचेहरा थाना पुलिस ने फरियादी का चिकित्सीय परीक्षण कराया। चिकित्सक ने जांच के बाद अभिमत दिया कि फरियादी को जलने से घाव हो गए हैं। एेसी चोट एसिड से आना संभव है। पुलिस ने फरियादी के कपड़े जांच के लिए विधि-विज्ञान प्रयोगशाला सागर भेजे। जांच में सामने आया कि फरियादी के कपड़ों में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के अंश हंै। साक्षियों के कथन लेकर अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। जांच पूरी होने के बाद अभियुक्त के खिलाफ न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मामला सत्र न्यायालय को उपार्पित किया गया। वहां से अंतरण पर मामला अपर सत्र न्यायालय को विचारण के लिए प्राप्त हुआ।


अदालत में जुर्म प्रमाणित
अदालत में विचारण के दौरान अभियुक्त राजबहोर यादव उर्फ संजय पिता बालकरण यादव निवासी ग्राम ककरहा थाना उचेहरा के खिलाफ अपराध प्रमाणित होना पाया। अदालत ने अभियुक्त को भादवि की धारा 326 ए के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने अभियुक्त पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। अर्थदंड का भुगतान न करने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगताने के भी आदेश दिए। अदालत ने अभियुक्त द्वारा अर्थदंड की राशि का भुगतान करने पर एक लाख रुपए अपील अवधि के बाद पीडि़त को उपचार और चिकित्सीय खर्च को पूरा करने के लिए देने के आदेश दिए।

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