
Satna Lokayukta Action: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त (Lokayukta Action) रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के सतना जिले का है जहां सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को रीवा लोकायुक्त की टीम ने 96 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है।
जिला सहकारी बैंक सतना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (को-ऑपरेटिव बैंक CEO) कृष्ण चंद्र शर्मा के खिलाफ नागौद समिति प्रबंधक सिद्धार्थ ओझा ने बीते दिनों लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में फरियादी सिद्धार्थ ओझा ने बताया वो सहकारी केन्द्रीय बैंक की नागौद शाखा में प्रबंधक हैं और उनके कार्य क्षेत्र में तीन समितियां क्रमशः पटवारा, रीछुल एवं दुरेहा आती है, इन शाखाओं में साल 2025-26 में 32 हजार 300 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। इस धान के भुगतान के संबंध में जब वो सीईओ कृष्ण चंद्र शर्मा के पास पहुंचा तो उन्होंने भुगतान करने के एवज में 3 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से कमीशन 96, 900 रुपये की रिश्वत की मांग की।
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लोकायुक्त टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर बुधवार (19 अगस्त) को रिश्वतखोर सीईओ कृष्ण चंद्र शर्मा को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। रीवा से लोकायुक्त टीम 50 किमी दूर सतना पहुंची और फरियादी सिद्धार्थ ओझा को रिश्वत के 96 हजार रुपये देने के लिए सीईओ के पास भेजा। सीईओ कृष्ण चंद्र शर्मा ने प्रेम नगर स्थित अपूर्व बोस के किराए के मकान में आवेदक को रिश्वत की रकम देने के लिए बुलाया, यहां सीईओ ने जैसे ही फरियादी से रिश्वत के रुपये लिए तो सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रंगेहाथों धरदबोचा।
लोकायुक्त ने आरोपी कृष्ण चंद्र शर्मा के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधन अधिनियम 2018 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। कार्रवाई के बाद लोकायुक्त टीम ने आम जनता से अपील की है कि अगर कोई भी सरकारी अधिकारी-कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो लोकायुक्त कार्यालय रीवा के मोबाइल नंबर 98936 07619 पर संपर्क कर शिकायत कर सकते हैं।