
सतना. पुलिस भले ही हर रोज चुनौती भरे काम कर लेती है लेकिन एटीएम उखाड़ कर ले जाने वाले गिरोह ने तीन महीने में दूसरी बार पुलिस को चुनौती दे डाली है। एक ही तरीके से दो वारदातें कर चुके गिरोह ने पुलिस की नाकामी एक बार फिर उजागर कर दी है। कार सवार एटीएम गिरोह की दोनों वारदात के बाद कुछ बातें एेसी हैं जो दोनों घटनाओं में एक जैसी हैं। हाइवे से सटे एटीएम पर निशाना, बरसात का मौसम और रात को एक से दो बजे के बीच वारदात। बदमाशों का वारदात करने का यह तरीका पुलिस भांप नहीं सकी। यही वजह है कि दूसरी बार एक ही अंदाज में अपराध हो गया।
सोता रह गया परिवार
राम गोविंद पाण्डेय के घर से बाहर उन्हीं की आराजी में बनी दुकानों में से एक दुकान में एटीएम बूथ बना है। इसी बूथ से सटा हुआ पाण्डेय परिवार के घर का मुख्य दरवाजा है। बदमाशों ने दरवाजे को बाहर से बंद कर दिया था। इसके बाद जब वारदात हुई तो इसकी भनक भी किसी को नहीं लग सकी। दिन का उजाला होने पर आस पास के लोगों के साथ पाण्डेय परिवार को पता चल पाया। फिर कहीं पुलिस तक बात पहुंची।दो बार आए कैश डालनेपाण्डेय परिवार के ही एक सदस्य ने बताया कि गुरुवार की दोपहर और फिर शाम के वक्त दो दफा कैश डालने के लिए कंपनी की गाड़ी आई थी। एक अनुमान के अनुसार, एटीएम के कैश बॉक्स में करीब ढाई लाख रुपए थे। रात करीब 12 बजे तक बाजार में रहने वाले टहलते रहे। इसके बाद सन्नाटा हो गया। विद्युत आपूर्ति नहीं होने से सभी घरों में चले गए और फिर पानी गिरने लगा। एेसे में किसी को बदमाशों की भनक ही नहीं लग पाई।
यहां भी नहीं मिले फिंगर प्रिंट
रात को हुई वारदात के बाद पहले टीआइ थाना रामपुर बाघेलान मनोज कुमार सोनी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ममामले ककी पड़ताल में यह पता लग चुका था कि जिस तरह से अमरपाटन से एसबीआइ एअीएम का कैश बॉक्स चोरी किया गया था ठीक उसी तरह कार से बांधकर यहां भी एअीएम को घसीट कर ले जाया गया है। शाम हाने पर सीन ऑफ क्राइम यूनिट से डॉ. महेन्द्र सिंह, फिंगर पिं्रट एक्सपर्ट अजीत सिंह मौके पर पहुंचे। साइबर टीम से दीपेश पटेल भी जांच में जुटे। यहां फिंगर प्रिंट नहीं मिल सके। एटीएम बूथ में लगे तीन सीसीटीवी कैमरे में से बाहर और फ्रंट के दो कैमरों पर काले रंग का स्प्रे किया गया था। ताकि बदमाशों के चेहरे और तरीका स्पष्ट न हो सके।
छग से जुड़ सकते हैं तार
जिले के बैंक और एटीएम में चोरी की वारदातों के तार छत्तीसगढ़ से जुड़े होने के संकेत मिल रहे हैं। यहां और वहां जो वारदात हुई हैं उनमें बहुत हद समानता है। लिहाजा, अनुमान लगाया जा रहा है कि दोनों प्रांतों में बैंक से जुड़ी घटनाओं के पीछे किसी एक गिरोह का हाथ हो सकता है। हालांकि इस बारे में आधिकारिक तौर से कोई जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस अपने तरीके से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। सूत्रों की मानें तो जिस प्रकार अमरपाटन और सज्जनपुर में एटीएम को उखाड़ कर कैशबॉक्स चोरी किया गया है इसी प्रकार छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में भी एक वारदात को अंजाम दिया गया था। बीते अगस्त महीने में रायगढ़ के सर्किट हाउस चांदमारी इलाके में स्थित एसबीआई के एटीएम को उखाड़ कर कैशबॉक्स की चोरी की गई थी। कैश बॉक्स में 26 लाख से ऊपर की रकम थी। रायगढ़ की इस घटना और अमरपाटन व सज्जनपुर की घटना में कुछ बातें मिलती-जुलती हैं। रायगढ़ में रात करीब 2 बजे वारदात को अंजाम दिया गया था। अमरपाटन में रात करीब 01:08 बजे घटना होने की बात सामने आई और सज्जनपुर में 01:35 की घटना बताई जा रही है। रायगढ़ में जब घटना हुई तब वहां बारिश हो रही थी यहां अमरपाटन में भी बरसात के बीच घटना होने की जानकारी सामने आई और फिर सज्जनपुर की वारदात भी रिमझिम बरसात के बीच हुई।
एटीएम काटने की कोशिश
अमरपाटन में हाइवे से सटे सेन्ट्रल बैंक के एटीएम को काटने की कोशिश हुई थी। 9 व 10 नबंवर की रात करीब 2 बजे हुई इस वारदात को बदमाशों ने ट्रक एमपी 09 एचजी 7770 की आड़ में अंजाम देने का प्रयास किया था। इस मामले में सेन्ट्रल बैंक के सहायक प्रबंधक विनय कुमार यादव ककी रिपोर्ट पर 11 नबंवर को चोरी की आशंका का अपराध कायम किया। जांच के बाद पुलिस ने ट्रक जब्त करते हुए ट्रक के चालक अमीन खान निवासी देवला बिहार थाना बेरछा जिला शाजापुर एवं खलासी तस्लीम शेख निवासी चाणक्यपुरी शहीद चन्द्रशेखर आजाद नगर निगम कॉलोनी देवास को आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार किया था। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस राहत की सांस ले ही रही थी कि अब फिर से बदमाश चुनौती दे गए।
शिकंजा नहीं कस पाया
गांव देहात से लेकर जिला मुख्यालय तक छोटी बड़ी वारदातों के बीच सीधे तौर पर पुलिस को चुनौती देने वाले बदमाशों पर पुलिस अब तक शिकंजा नहीं कस सकी है। पुलिस अधीक्षक से लेकर पुलिस मुख्यालय ने समूचे विभाग को हिदायत दी है की संपत्ति संबंधित अपराधों को गंभीरता से लिया जाए। बावजूद इसके घटनाओं पर प्रभावी तरीके से अंकुश नहीं लग पा रहा है। बीते दिनों लग्जरी कार में सवार होकर आए बदमाशों ने भरहुत नगर तिराहे पर पुलिस चौकी के नजदीक दो दुकानों को भोर के वक्त अपना निशाना बनाया और हजारों रुपए की नकदी सहित कुछ सामान चुरा ले गए। पुलिस चौकी के करीब दिन के वक्त चोरी की दो वारदातों का एक साथ होना पुलिस के लिए चुनौती नहीं तो और क्या है? इसके पहले नागौद, अमदरा के बैंक निशाने पर रह चुके हैं। अब साल की शुरूआत में ही बड़ी वारदात हो गई।
नए साल का पहला झटका
नए साल की शुरूआत में ही बड़े अपराधियों ने अपना काम करते हुए पुलिस को बड़ा झटका दिया है। एक खास बात यह भी है कि एक दिन बाद जिले में मुख्यमंत्री को आना है और इसके पहले पुलिस की व्यस्तता बदमाशों ने बढ़ा दी है। छुट पुट अपराधियों को पकड़ कर हर दूसरे दिन पुलिस वाहवाही लूट लेती है लेकिन बड़े अपराध करने वाले शातिर अपराधी छुट्टा घूम रहे हैं। ठीक तीन महीने पहले ही अरपाटन में पुलिस को चुनौती दे चुकी गैंग ने फिर से अपराध कर दिया और पुलिस हाथ मलती रह गई।
हाइवे पर कोई देखने वाला नहीं
अमरपाटन में कुछ साल पहले एटीएम उखाड़ कर ले जाने की वारदात के बाद पुलिस ने हाइवे की पेट्रोलिंग रात को बढ़ दी थी। तब कुछ हद हाइवे के अपराध में कमी सामने आई थी। लेकिन पुलिस की नाकामी यह रही कि उस वारदात के अपराध आज तक बेसुराग हैं। इसी तरह अमरपाटन से कैश बॉक्स चोरी करने वालों का पता नहीं चला। अब सज्जनपुर से एटीएम उखाडऩे वाले गिरोह ने चुनौती दे डाली। सभी वारदातों में एक खास बात यह भी रही कि न तो वारदात के वक्त पुलिस को पता चला। न ही अपराधियों के भागने तक पुलिस को भनक लगी। जबकि जानकार बताते हैं कि हाइवे में वारदात करने वाले अपराधी हाइवे से ही अपना रास्ता तय कर जाते हैं।