सतना

सतना रेपकांड: चिकित्सकों ने बयां किया मासूम का दर्द, वैज्ञानिक अधिकारी ने बताई अपराध की प्रकृति

परसमनिया रेपकांड: एडीजे कोर्ट नागौद में ट्रॉयल का दूसरा दिन, मासूम के माता-पिता के भी होंगे बयान

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Aug 10, 2018
satna rep case: Doctors say the pain of innocence
satna rep case: Doctors say the pain of innocence

सतना। बहुचर्चित परसमनिया रेपकांड मामले में गुरुवार को भी ट्रायल जारी रहा। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नागौद दिनेश कुमार शर्मा के समक्ष दुष्कर्म के बाद चार वर्षीय मासूम का उपचार और मेडिकल परीक्षण करने वाले चिकित्सकों ने बयान दर्ज कराए। चिकित्सकों ने कोर्ट को बताया कि घटना के बाद मासूम तकलीफ से कराह रही थी। रक्तस्राव नहीं रुक रहा था। जननांगों में गंभीर चोट की वजह से स्वास्थ्य में लगातार गिरावट हो रही थी।

अभियोजन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी रामपाल सिंह ने अपर सत्र न्यायालय में पक्ष रखा। अपर सत्र न्यायालय में ट्रॉयल के दूसरे दिन 8 गवाहों (क्रमांक 5 से 12 तक के कथन) के बयान दर्ज किए गए। पहले दिन मेमोरेंडम साक्षी सहित चार गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे। यानी दूसरे दिन तक कुल 12 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। जबकि विचारण के बाद मामले में कुल 22 गवाह तय किए गए हैं।

8 गवाहों के हुए कथन
दूसरे दिन आठ गवाह डॉ. प्रतिका सिंह, डॉ. महेंद्र सिंह, आरक्षक अनिल विश्वकर्मा, डॉ. प्रशांत यादव, डॉ. अखिलेश सिंह, सिक्खू सिंह, आरक्षक गोपाल सिंह, आरक्षक रीता सिंह के बयान हुए। प्रतिका सिंह ने सीएचसी से रेफर होने के बाद जिला अस्पताल में पीडि़ता का उपचार किया था। डॉ. प्रशांत यादव ने आरोपी महेंद्र सिंह गोड़ निवासी पन्ना टोला का मेडिकल परीक्षण किया था। डॉ. अखिलेश सिंह ने मासूम का प्राथ. उपचार किया था। सिक्खू सिंह परसमनिया में प्राचार्य हैं। सैनिक गोपाल सिंह स्लाइड और रक्त के नमूने लेकर आए थे। आरक्षक रीता सिंह ने पीडि़ता को अस्पताल में दाखिल कराया था।

पेश किए फोटोग्राफ
सीन ऑफ क्राइम यूनिट में पदस्थ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. महेंद्र सिंह ने कोर्ट को आरोपी महेंद्र सिंह गोड़ द्वारा किए अपराध की प्रकृति बताई। घटना स्थल के फोटोग्राफ प्रस्तुत करने वाले एफएसएल यूनिट के फोटोग्राफर आरक्षक अनिल विश्वकर्मा के बयान हुए। पीडि़ता का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उचेहरा में प्राथमिक उपचार करने वाले चिकित्सक डॉ. अखिलेश सिंह ने भी दर्द बयां किया।

अब सुनवाई 13 को
मामले की सुनवाई 13 अगस्त को तय की गई है। अब पीडि़त मासूम के माता-पिता के बयान दर्ज किए जाएंगे। प्रशासन की कोशिश है कि जल्द से जल्द पीडि़ता कोर्ट में आरोपी महेंद्र सिंह गोड़ की शिनाख्त करे। फिलहाल उसका नई दिल्ली एम्स में इलाज चल रहा है। बता दें कि ऊचहेरा थाना इलाके के परसमनिया में एक जुलाई की रात चार साल की मासूम को घर से अगवा कर दुष्क र्म का मामला सामने आया था। पुलिस ने आरोपी महेंद्र सिंह गोड़ पर दुष्कर्म के लिए आइपीसी की धारा 363, 376( एबी), पास्को एक्ट की धारा 5 (झ) (ड) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था।

Published on:
10 Aug 2018 12:04 pm