सतना

चितरंगी में रिश्वत के मामले में फंसे थे, अब बीच चुनाव मैहर एसडीएम को हटाया

जिला निर्वाचन अधिकारी ने की कार्रवाई : अग्रवाल जिला कार्यालय अटैच, धुर्वे होंगे विस के रिटर्निंग ऑफिसर

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Nov 01, 2018
ganesh prasad agarwal
ganesh prasad agarwal

सतना. जिला निर्वाचन अधिकारी राहुल जैन ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए बीच चुनाव मैहर एसडीएम की जिम्मेदारी से गणेश प्रसाद अग्रवाल को अलग कर दिया है। इनकी जगह अनुविभागीय दंडाधिकारी मैहर हेमकरण धुर्वे को बनाया गया है। वहीं अमरपाटन एसडीएम आशीष सांगवान को रामनगर एसडीएम का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इधर अग्रवाल को फिलहाल जिला कार्यालय कलेक्टर में ले आया गया है। यह कार्रवाई अग्रवाल के विरुद्ध लोकायुक्त द्वारा न्यायालय में फरवरी माह में चालान पेश किए जाने के परिप्रेक्ष्य में की गई है। साथ ही कलेक्टर ने इनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव कार्मिक सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय को भी लिखा है। मामले को पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया था।
एसडीएम मैहर गणेश प्रसाद अग्रवाल तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी चितरंगी जिला सिंगरौली को लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार के मामले में रंगेहाथ पकड़ा था। इसके बाद पुलिस अधीक्षक विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त कार्यालय रीवा द्वारा अपराध क्रमांक 374/2014 धारा 7, 13(1)डी, 13(2) पीसी एक्ट 1998 के तहत 24 फरवरी 2018 को विशेष न्यायालय में चालान पेश कर दिया। साथ ही शासन को पत्र लिख कर अग्रवाल के विरुद्ध कार्रवाई के लिये लेख किया। उसमें कहा गया कि मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम -9(1) बी के प्रथम परंतुक के अनुसार शासकीय सेवक के विरुद्ध दंडित अपराध में चालान प्रस्तुत होने पर संबंधित कर्मचारियों को निलंबित किया जाना अनिवार्य है। लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर एसपी लोकायुक्त ने तीसरी बार रिमाइण्डर देते हुए संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई के लिए लेख किया।

कलेक्टर ने दिखाई गंभीरता

तीन रिमाइंडर के बाद भी संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई नहीं होने का खुलासा पत्रिका ने प्रमुखता से किया। मामले को कलेक्टर राहुल जैन ने गंभीरता से लेते हुए प्रमुख सचिव कार्मिक सामान्य प्रशासन विभाग को कार्रवाई का पत्र लिखते हुए चुनाव कार्य के मद्देनजर एक डिप्टी कलेक्टर मैहर में पदस्थ करने की भी बात कही। इधर आचार संहिता के मद्देनजर उन्होंने गुरुवार को आंशिक कार्यविभाजन करते हुए मैहर तहसील का एसडीएम और मैहर विस के रिटर्निंग ऑफिसर की जिम्मेदारी हेमकरण धुर्वे को दे दी है। धुर्वे अभी रामनगर एसडीएम रहे हैं। अग्रवाल को जिला कार्यालय कलेक्टर बुला लिया गया है।

यह था मामला
चितरंगी तहसील में पदस्थ पटवारी राजेश नामदेव को एसडीएम जीपी अग्रवाल ने निलंबित कर दिया था। निलंबन अवधि खत्म होने के बाद भी उसे बहाल नहीं किया जा रहा था। एसडीएम के कहने पर रीडर 50 हजार रुपए की मांग कर रहा था। आखिरकार 40 हजार में मामला तय हो गया था। इसकी शिकायत पटवारी नामदेव ने लोकायुक्त कार्यालय रीवा में की थी। शिकायत पर लोकायुक्त ने कार्रवाई की और एसडीएम के रीडर अशोक श्रीवास्तव को 40 हजार की रिश्वत लेते हुए एसडीएम कार्यालय में रंगेहाथ पकड़ा। इस बीच टीम को देखकर एसडीएम जीपी अग्रवाल कमरे में घुस गए और दो घंटे तक निकले ही नहीं। खासी मशक्कत और मान-मनौव्वल के बाद ही उन्हें निकाला जा सका। हालांकि उनके हाथ में लगा रंग निकालने में वो सफल नहीं हो पाए। लोकायुक्त ने मामला दर्ज करने के बाद दोनों को जमानत पर रिहा कर दिया था।

Published on:
01 Nov 2018 09:38 pm