
Sawai Madhopur : सवाईमाधोपुर के ठींगला क्षेत्र में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक मकान की रसोई में करीब पांच फीट लंबा करैत सांप आ घुसा। सांप रसोई की पट्टी पर बैठा था। रसोई में पहुंचने पर बहू की नजर जैसे ही सांप पर पड़ी, वह घबरा गई और जोर से चीख पड़ी। आवाज सुनकर परिजन दौड़कर पहुंचे और स्थिति को भांपते हुए तत्काल रसोई का गेट बंद कर दिया। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई।
मकान मालिक एडवोकेट गिर्राज तेहरिया ने बताया कि शुक्रवार सुबह 5 बजे बेटे की पत्नी प्रिया मॉर्निंग वॉक से घर लौटी थी। घर आने के बाद वह रसोई में गई। इसी दौरान उसकी नजर रसोई की पट्टी पर बैठे सांप पर पड़ी। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने सांप को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया। सांप के रेस्क्यू होने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली।
करैत सांप सबसे जहरीले सांपों में से एक है। यह अक्सर अंधेरे, नमी या छुपे हुए स्थानों में पाए जाते हैं। इसका रंग काला या नीला-काला होता है। शरीर पर पतली सफेद धारियां होती हैं। यह रात में ज्यादा सक्रिय होता है। यदि घर या रसोई में सांप दिखे तो तो घबराएं नहीं। शांत और सुरक्षित दूरी बनाएं रखें। सांप को पकड़ने की कोशिश खुद न करें। तुरंत किसी स्थानीय वन्यजीव बचावकर्ता या सर्प विशेषज्ञ को बुलवाएं। सर्पदंश के मामले बारिश के बाद हर साल बढ़ते हैं।
1- कसकर पट्टी न बांधें
सांप के काटने वाली जगह पर बहुत कसकर पट्टी बांधना या घाव के पास चीरा लगाना आम मान्यताएं हैं, लेकिन इनसे संक्रमण और दूसरी जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है।
2- तुरंत डॉक्टर के पास पहुंचें
सर्पदंश के बाद जितनी जल्दी संभव हो, मरीज को चिकित्सकीय सहायता दिलाएं। समय पर इलाज मिलने पर ज्यादातर मामलों में स्थिति को आसानी से संभाला जा सकता है।
3- झाड़-फूंक में समय न गंवाएं
ग्रामीण इलाकों में कई लोग मान्यताओं के चलते पहले देवता या पुजारी के पास जाना पसंद करते हैं। ड्राई बाइट या गैर-विषैले सांप के काटने पर मरीज के ठीक हो जाने से इन मान्यताओं को बल मिलता है, लेकिन किसी भी सर्पदंश में पहले डॉक्टर तक पहुंचना जरूरी है।