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Rajasthan ACB : चौथ का बरवाड़ा के Ex-SHO महेन्द्र शर्मा पर FIR, 1 लाख रुपए की घूस डिमांड का है आरोप

सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा SHO महेन्द्र शर्मा पर ACB ने दर्ज की FIR। बजरी ट्रैक्टर छोड़ने के नाम पर मांगी थी 1 लाख रुपए रिश्वत।
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Chauth Ka Barwada Ex-SHO Mahendra Sharma - File PIC

जयपुर स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) मुख्यालय ने सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा थाने के पूर्व SHO महेन्द्र शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की धारा 7 के तहत औपचारिक FIR दर्ज कर ली गई है। यह कार्रवाई स्थानीय निवासी और परिवादी सरदार गुर्जर की शिकायत पर शुरू हुई थी, जिसमें बजरी से भरे 4 ट्रैक्टर-ट्रॉली को बिना किसी कानूनी कार्रवाई के छोड़ने के बदले 1 लाख रुपए की घूस मांगने का गंभीर आरोप लगाया गया था। सत्यापन के दौरान सौदा 50 हजार रुपए में तय हुआ था और दोनों के बीच हुई कॉल रिकॉर्डिंग इस मामले में सबसे अहम सबूत बनी है। राजस्थान में अवैध बजरी खनन और पुलिस प्रशासन के बीच के इस गठजोड़ का पर्दाफाश होने से महकमे में हड़कंप मच गया है।

गौरतलब है कि महेंद्र शर्मा सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा पुलिस थाने के पूर्व थानाधिकारी (SHO) हैं। उन्होंने नवंबर 2025 में इस थाने का कार्यभार संभाला था और जुलाई 2026 में उनका ट्रांसफर धौलपुर जिले के बाड़ी में हो गया। फिलहाल वे बाड़ी में ही बतौर एसएचओ सेवाएं दे रहे हैं।

बजरी खनन और घूसखोरी का पूरा मामला

सवाई माधोपुर जिले का चौथ का बरवाड़ा इलाका बजरी परिवहन को लेकर अक्सर चर्चा में रहता है। परिवादी सरदार गुर्जर ने ACB की टीम से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई थी कि थानाधिकारी महेन्द्र शर्मा ने उनके 4 बजरी भरे ट्रैक्टरों को जब्त किया था। इन वाहनों को छोड़ने और आगे बिना किसी रुकावट के परिवहन की छूट देने के एवज में 1 लाख रुपए की मांग की जा रही थी।

50 हजार रुपए पर तय हुआ था सौदा!

ACB द्वारा गोपनीय तरीके से करवाए गए शिकायत सत्यापन के दौरान SHO महेन्द्र शर्मा 50 हजार रुपए की घूस लेने पर सहमत हुए। ACB की टीम ने सत्यापन प्रक्रिया के दौरान डिजिटल साक्ष्य और कॉल रिकॉर्डिंग्स जुटाए, जिससे रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई।

रिकॉर्डेड बातचीत ACB जांच का मुख्य आधार

इस पूरे मामले में परिवादी और SHO के बीच हुई टेलीफोनिक बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग जांच का सबसे मजबूत आधार बनी है। रिकॉर्डिंग में रिश्वत की रकम, लेन-देन का समय और बजरी के ट्रैक्टरों को बिना चालान छोड़ने से जुड़ी बातचीत स्पष्ट रूप से दर्ज हुई है। इसी रिकॉर्डिंग के आधार पर ACB मुख्यालय ने मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।

धारा 7 के तहत FIR, CI सुभाष मील IO

जयपुर ACB मुख्यालय के आदेश पर Prevention of Corruption Act की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए स्पेशल टीम का गठन किया गया है। ACB ने इस हाई-प्रोफाइल मुकदमे की जांच का जिम्मा CI सुभाष मील को सौंपा है।

स्थानीय पुलिस महकमे में मची खलबली

एक थाने के प्रभारी अधिकारी (SHO) पर ACB की FIR दर्ज होने से सवाई माधोपुर पुलिस महकमे और स्थानीय बजरी कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। ACB अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या इस थाने से पहले भी इस तरह की अवैध वसूली की जाती रही है और क्या इसमें अन्य स्थानीय अधिकारी या दलाल भी शामिल हैं।

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