सवाईमाधोपुर जिले में लगातार हो रही चोरियों का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। विशेष टीमों ने मोग्या गैंग के चार शातिर नकबजनों को गिरफ्तार किया है।
सवाईमाधोपुर। जिले के ग्रामीण इलाकों में दीवारें तोड़कर और ताले काटकर हो रही चोरियों का आखिरकार पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। मोग्या गैंग के चार शातिर नकबजनों को सवाईमाधोपुर पुलिस की विशेष टीमों ने दौसा, करौली और टोंक जिलों से दबोच लिया। गिरोह ने सूरवाल, मलारना डूंगर, चौथ का बरवाड़ा, बौंली, कुण्डेरा, खण्डार और बहरावड़ा कलां थाना क्षेत्रों में डेढ़ दर्जन से अधिक वारदातें कबूल की हैं।
पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बेनीवाल ने बताया कि आरोपी जोधा राम उर्फ चाच्या निवासी दूधिया बालाजी टोंक, इस गैंग का सरगना है। इसके खिलाफ चोरी, लूट व नकबजनी के 13 प्रकरण दर्ज हैं। मुकेश उर्फ सुमान और गुड्डा उर्फ देवीलाल मोग्या, रतनपुरा दौसा एवं रामफूल मोग्या, दूधिया बालाजी पक्का बंधा टोंक निवासी है। इनके खिलाफ चोरी, लूट और नकबजनी के कई मामले दर्ज हैं। दो अन्य बदमाशों की तलाश जारी है।
उन्होंने बताया कि विशेष टीमों ने मवेशियों के ग्वाले बनकर गिरोह की गतिविधियों पर 15 दिन तक नजर रखी। इनके ठिकानों, आने-जाने के रास्तों और वाहनों की पहचान की गई। फिर योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर चार बदमाशों को जाट बड़ौदा, गंगापुर और बनास नदी के पक्के बंधे से गिरफ्तार किया।
बदमाश दीवारों के पत्थर हटाकर या जंगला तोड़कर मकानों में घुसते थे। कई बार गेट का ताला काटकर भी प्रवेश करते थे। एक व्यक्ति लेटकर अंदर घुसता और फिर कमरे में पहुंचकर नकदी व जेवरात चुरा लेता था। वारदात के लिए मोटरसाइकिल, कटर, पेचकस और टॉर्च का इस्तेमाल करते थे। गांव के बाहर बने मकानों को ज्यादा निशाना बनाते थे ताकि पकड़े जाने की स्थिति में आसानी से भाग सकें।