Ranthambore: रणथंभौर फिर से नन्हे शावकों की हलचल से खुशियां आई हैं। 3 नए मेहमानों के आगमन से वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह है।
सवाईमाधोपुर। रणथंभौर बाघ परियोजना में फिर से खुशियों की किलकारी गूंजी है। वन विभाग के कैमरा ट्रैप में बाघिन टी-2307 अपने तीन नन्हे शावकों के साथ कैद हुई है। वन विभाग लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है। नए मेहमानों के आगमन से वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह है।
वन विभाग के अनुसार बाघिन टी-2307 लगभग तीन वर्ष की है और पहली बार मां बनी है। यह बाघिन सामान्यतः रणथंभौर के गैर-पर्यटन क्षेत्र कुंडेरा रेंज में विचरण करती है। वन अधिकारियों ने बताया कि टी-2307, रणथंभौर की मशहूर बाघिन टी-111 (शक्ति) की संतान है। शावकों की उम्र करीब तीन से चार माह बताई गई है।
वन अधिकारियों ने बताया कि बाघिन टी-2307, रणथंभौर की मशहूर बाघिन टी-111 (शक्ति) की संतान है। मां से अलग होने के बाद इसने कुंडेरा रेंज में अपना ठिकाना बना लिया है। कैमरा ट्रैप में दिखे शावकों की उम्र लगभग तीन से चार माह आंकी गई है।
प्रदेश के वन मंत्री संजय शर्मा ने भी सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा कर लिखा कि बाघिन टी-2307 अपने तीन बच्चों के साथ कुंडेरा रेंज में नजर आई है।
रणथंभौर बाघ परियोजना के उपवन संरक्षक मानस सिंह ने बताया कि कुंडेरा रेंज में बाघिन टी-2307 कैमरा ट्रैप में तीन शावकों के साथ कैप्चर हुई है। वन विभाग की ओर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।