विज्ञान और टेक्नोलॉजी

समुद्र में 6 साल पहले मिला था चार पैरों वाला अनोखा सांप, रिसर्च में सामने आया वह सांप नहीं छिपकली थी

जीवाश्म वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च रिपोर्ट में बताया कि एम्प्लेक्टस वास्तव में एक सांप नहीं है और इसे गलत वर्गीकृत किया गया था। बल्कि इसकी शारीरिक बनावट के सभी पहलू क्रिटेशियस काल से विलुप्त समुद्री छिपकलियों के एक समूह से मेल खाते हैं, जिन्हें डोलिचोसॉर कहा जाता है।  
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Nov 19, 2021
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नई दिल्ली।

आज से करीब 6 साल पहले 2015 में 'चार पैरों वाले सांप' की खोज की गई थी। अब एक अध्ययन में सामने आया है कि वह सांप नहीं बल्कि, लंबे शरीर वाली समुद्री छिपकली थी।

ब्राजील में पाए गए जीवाश्म जीव को शुरुआत में सांप और छिपकली के बीच का जीव समझा जा रहा था। यूनिवर्सिटी ऑफ अल्बर्टा के जीवाश्म वैज्ञानिकों के मुताबिक, 11 करोड़ साल पुराना सरीसृप, टेट्रापोडोफिस एम्प्लेक्टस, एक छिपकली से ज्यादा कुछ नहीं है।

इसके लंबे शरीर और सांप जैसे दांत के कारण वैज्ञानिकों ने शुरू में प्राणी को सांप समझा था। अध्ययन के प्रमुख लेखक यूनिवर्सिटी ऑफ अल्बर्टा के जीवाश्म विज्ञानी माइकल कैल्डवेल ने कहा कि बाद में पता चला कि जीव को पहचानने में गलती हुई थी। उन्होंने कहा कि ऐसे कई सवाल हैं जिसके जवाब 'चार पैरों वाले सांप' के जीवाश्म की खोज के साथ मिल सकते थे लेकिन अगर यह वास्तव में चार पैरों वाला सांप होता।

कैल्डवेल ने कहा कि हमारी टीम का प्रमुख निष्कर्ष यह है कि टेट्रापोडोफिस एम्प्लेक्टस वास्तव में एक सांप नहीं है और इसे गलत वर्गीकृत किया गया था। बल्कि इसकी शारीरिक बनावट के सभी पहलू क्रिटेशियस काल से विलुप्त समुद्री छिपकलियों के एक समूह से मेल खाते हैं, जिन्हें डोलिचोसॉर कहा जाता है। शुरुआत में वैज्ञानिकों ने सोचा था कि टेट्रापोडोफिस एम्प्लेक्टस के लक्षण सांपों से मिलते-जुलते हैं लेकिन अब स्पष्ट हो चुका है कि वह एक गलत वर्गीकरण था।

जब कई साल पहले नमूनों की खोज की गई थी तो विशेषज्ञों ने पाया कि इसकी लंबाई सिर से पैर तक 20 सेमी थी। लेकिन इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि इसकी लंबाई और ज्यादा बढ़ सकती थी। इसका सिर एक वयस्क मानव नाखून के आकार का होता है और इसकी सबसे छोटी पूंछ की हड्डी की लंबाई एक मिलीमीटर के सिर्फ एक चौथाई होती है। इसके अगले पैर सिर्फ 1 सेमी लंबे होते हैं लेकिन पिछले पैर थोड़े लंबे होते हैं जिनका इस्तेमाल यह शिकार पकड़ने के लिए करता था।

Published on:
19 Nov 2021 08:30 pm