
Sehore News :मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध सलकनपुर देवी धाम में दर्शन करने आए श्रद्धालुओं पर जानलेवा हमला करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि, हमला करने वालों ने न सिर्फ श्रद्धालुओं के साथ बेरहमी से मारपीट की, बल्कि उनकी कार में भी तोड़फोड़ कर दी है। इस पूरे मामले में हैरानी की बात तो ये रही कि, ये पूरा विवाद सिर्फ 20 रुपए की रसीद को लेकर शुरू हुआ था, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप धारण कर लिया।
आपको बता दें कि, देवास जिले में रहने वाले पांच युवक अपनी कार से सलकनपुर देवी धाम में दर्शन करने पहुंचे थे। मंदिर में ऊपर की ओर वाहन लेकर जाने वाले श्रद्धालुओं से 20 रुपये की रसीद काटी जाती है। इसी दौरान श्रद्धालुओं और वहां मौजूद कर्मचारियों के बीच ऑनलाइन और ऑफलाइन भुगतान को लेकर विवाद हो गया।
जानकारी सामने आई है कि, जो 20 रूपए शुल्क श्रद्धालुओं से मांगा जा रहा था, वो तो श्रद्धालु देनें को तैयार थे, लेकिन उनके पास केश अमाउंट न होने के कारण वो पैमेंट ऑनलाइन करना चाहते थे। लेकिन, कर्मचारियों ने ऑनलाइन भुगतान लेने से इंकार कर दिया, जिसे लेकर श्रदधालुओं और कर्मचारियों के बीच काफी बहस और तू-तू मैं-मैं हुई, लेकिन कुछ देर बाद श्रद्धालुओं ने मामला शांत करने की नीयत से एक अन्य दुकान पर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर उनसे 20 रूपए केश लेकर कर्मचारियों को दिए और वहां से माता के दर्शन करने निकल गए।
लेकिन, जब श्रद्धालु माता के दर्शन कर अपनी गाड़ी से वापस विवाद वाले स्थान से गुजर रहे थे, इसी बीच मौके पर पहले से ही करीब 20 लोग मौजूद थे। आरोप है कि इन लोगों ने पांचों युवकों को घेरकर उनके साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान उनकी कार में तोड़फोड़ की गई। मारपीट इतनी गंभीर थी कि वहां से गुजर रहे अन्य श्रद्धालु भी इसकी चपेट में आ गए और उन्हें भी चोटें आईं।
मारपीट शिकार हुए पीड़ितों का आरोप है कि, मारपीट करने वाले लोग मंदिर समिति के कर्मचारी थे। घटना के बाद से इलाके में तनाव के हालात हैं। मामले को लेकर करणी सेना ने भी इस घटना पर नाराजगी जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि, अगर उचित और न्याय पूर्ण कार्रवाई नहीं हुई तो परिणाम भुगतने होंगे।
सलकनपुर देवी धाम में इन दिनों देवी लोक का निर्माण कार्य चल रहा है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। ऐसे में अगर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर इस तरह के सवाल उठते रहे तो इसका सीधा असर यहां आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था पर पड़ सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर श्रद्धालुओं पर हमला करने वालों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई है? मंदिर समिति, पुलिस और प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।