शामली

‘वोट बैंक के लिए नहीं, न्याय के लिए आई हूं’, मोनू कश्यप के परिजनों से मिलकर बोलीं सांसद इकरा हसन

Iqra Hasan Monu Kashyap Case: सांसद इकरा हसन शामली के जसाला गांव पहुंचकर मृतक मोनू कश्यप के परिवार से मिलीं। उन्होंने कहा कि वह यहां वोटों की राजनीति करने नहीं आई हैं। जाने पूरा मामला...
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Updated: 26 May 2026, 7:32 PM IST
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सांसद पर दर्ज हो चुका है केस | फोटो सोर्स- patrika.com

Iqra Hasan Monu Kashyap Case: समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन मंगलवार को शामली के जसाला गांव पहुंचीं। वहां उन्होंने मृतक मोनू कश्यप के परिवार से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। इकरा हसन ने साफ शब्दों में कहा कि मैं यहां कोई वोटों की राजनीति करने नहीं आई हूं। दुख की इस घड़ी में मैं परिवार के साथ खड़ी हूं और उन्हें न्याय दिलाकर ही रहूंगी। जब सांसद गांव पहुंचीं, तो वहां भारी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। परिजनों ने रो-रोकर सांसद को पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद सांसद ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे इस मामले को प्रशासन से लेकर देश की संसद तक पूरी मजबूती के साथ उठाएंगी।

क्या है मोनू कश्यप की मौत का पूरा मामला?

यह पूरा मामला शामली के कांधला इलाके के जसाला गांव में रहने वाले मोनू कश्यप का है। मोनू 21 अप्रैल की सुबह पंजोखरा गांव के श्मशान घाट के पास बेहोश मिला था।दिल दहला देने वाली बात यह थी कि उसका एक पैर कटा हुआ था। पुलिस ने उसे मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से ही मोनू के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मोनू के पिता का आरोप है कि गांव के ही कुछ लोगों ने पुरानी दुश्मनी के कारण उनके बेटे की हत्या की साजिश रची थी। परिवार लगातार इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।

दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

सांसद इकरा हसन ने स्थानीय प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि घटना के पीछे जो भी दोषी हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। सांसद ने कहा कि वे हर सुख-दुख में इस परिवार के साथ कदम से कदम मिलाकर खड़ी रहेंगी।

सांसद पर दर्ज हो चुका है केस, गरमाई सियासत

यह मामला पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश की सियासत में लगातार छाया हुआ है। 19 मई को सांसद इकरा हसन मृतक मोनू कश्यप की मां को न्याय दिलाने के लिए सहारनपुर रेंज के डीआईजी से मिलने गई थी। इस दौरान पुलिस ने सड़क पर जाम और यातायात प्रभावित होने की बात कहकर सांसद को हिरासत में ले लिया और महिला थाने ले गई थी। लेकिन वहीं 10 मिनट बाद उन्हें छोड़ भी दिया गया।
बाद में इस मामले को लेकर पुलिस ने सांसद इकरा हसन सहित 6 अन्य लोगों समेत 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ सड़क जाम करने और धरना-प्रदर्शन करने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया था। इस कार्रवाई के बाद से इलाके में राजनीतिक हलचल तेज है।

Updated on:
26 May 2026, 7:32 PM IST
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