
Ayush Malik Shamli Conversion Case Update: उत्तर प्रदेश के शामली में एक दवा कारोबारी के बेटे आयुष मलिक के धर्म परिवर्तन का मामला अब बहुत बढ़ गया है। इस केस में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस को शक है कि इसके पीछे कोई बड़ा रैकेट काम कर रहा है। यही वजह है कि अब शामली के साथ-साथ गाजियाबाद और दिल्ली के कई मौलाना पुलिस के रडार पर आ चुके हैं। इतना ही नहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब आयुष के 'पाकिस्तान और फिलिस्तीन' कनेक्शन की भी जांच कर रही है।
शामली के एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है। इसके साथ ही खुफिया एजेंसियों को भी जांच में लगा दिया गया है। पुलिस को शक है कि इस मामले के तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं। फरार चल रहे तीन मौलानाओं और बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस जांच में एक और बड़ी बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि आयुष सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के मशहूर इस्लामिक स्कॉलर डॉ. इसरार के यूट्यूब चैनल को फॉलो करता था और उनकी स्पीच सुनता था। पूछताछ के दौरान आयुष ने फिलिस्तीन का भी जिक्र किया है। अब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां आयुष के सोशल मीडिया अकाउंट्स, उसके संपर्क में आए लोगों और किसी भी तरह की संदिग्ध फंडिंग की बारीकी से जांच कर रही हैं।
इस पूरे विवाद के बीच आयुष मलिक (जिसने अपना नाम अब रहमान रख लिया है) ने मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखा है। आयुष का कहना है कि उसका किसी ने जबरन धर्म परिवर्तन नहीं कराया है।
आयुष ने कहा कि मैंने किसी के दबाव में नहीं, बल्कि अपनी मर्जी से इस्लाम अपनाया है और मैं अपने इस फैसले पर कायम हूं। मैं साल 2008 से ही इस्लाम को फॉलो कर रहा था। घर में अपनी तीनों बहनों की शादी कराने के बाद ही मैंने अपने परिवार को इस बारे में बताया। करीब चार साल पहले मैंने दिल्ली में चांदनी से निकाह किया था।
ब्रेनवॉश के आरोपों को खारिज करते हुए आयुष ने कहा कि अगर उसका ब्रेनवॉश हुआ होता, तो वह अपने माता-पिता को भूल गया होता, लेकिन ऐसा नहीं है। उसने पाकिस्तानी स्कॉलर डॉ. इसरार का बचाव करते हुए कहा कि उनकी बातें समाज में प्यार का संदेश देती हैं, इसलिए वह उन्हें सुनता है। आयुष ने साफ किया कि उसके माता-पिता अपनी पूजा-पाठ करते हैं और वह दिन में पांच वक्त की नमाज पढ़ता है। उसके लिए दोनों ही परिवार बहुत जरूरी हैं।
दरअसल, यह पूरा विवाद करीब चार दिन पहले तब सामने आया जब मुजफ्फरनगर के बघरा स्थित योग साधना आश्रम के स्वामी यशवीर महाराज ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने इस मामले को उठाते हुए चेतावनी दी कि अगर पुलिस ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो वे 12 जून को हिंदू महापंचायत बुलाएंगे।
इसके बाद शनिवार देर रात शामली के दयानंद नगर निवासी दवा कारोबारी देवराज मलिक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके इकलौते बेटे आयुष को एक साजिश के तहत प्रेमजाल में फंसाकर उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया है। पिता का आरोप है कि यह सब उनकी संपत्ति हड़पने की नीयत से किया गया। पुलिस ने इस मामले में काजीवाड़ा निवासी चांदनी कुरैशी, उसकी बहन सुमाइला, राहिल व राबिया, उसके पिता इस्लाम कुरैशी, भाई आस मोहम्मद उर्फ आशु, हुमा कुरैशी, सलीम उर्फ भोला मौलवी मुन्नवर व दो अज्ञात मौलवी पर केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल युवती और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है।