लव ट्राएंगल में युवक ने की खुदकुशी...सुसाइड नोट में लिखा उसे कुछ मत कहना...
शिवपुरी. बचपन से जिस लड़की से प्यार किया वो दूसरे लड़के को चाहने लगी..बस यही बात युवक को इस कदर चुभी कि वो अंदर ही अंदर घुटता रहा और उसने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मामला शिवपुरी का है जहां रेत ठेकेदार के यहां रॉयल्टी काटने वाले युवक अनिल खटीक ने फांसी लगाकर अपनी जान से दी। अनिल ने खुदकुशी करने से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा है जिसमें लिखा है कि उसे कुछ मत कहना। अनिल मूल रूप से करैरा का रहने वाला था। सुसाइड की वजह लव ट्राएंगल सामने आया है।
आराम करने का कहकर गया और दे दी जान
करैरा का रहने वाला अनिल खटीक शिवपुरी में एक रेत ठेकेदार के यहां रॉयल्टी काटने का काम करता था। घटना 23 जून की है जब सुबह करीब 11.12 बजे अनिल अपने साथी देवेन्द्र यादव के गायत्री कॉलोनी स्थित मकान पर था। दोस्त देवेन्द्र ने बताया कि अनिल ने उससे कहा कि वो कमरे में जा रहा है वहीं पर नहाकर आराम करेगा। जिसके बाद दोस्त दफ्तर चला गया और रात को करीब 8 बजे घर लौटा तो देखा कि घर का दरवाजा खुला हुआ था। वो कमरे में पहुंचा तो देखा कि अनिल पंखे से फंदा लगाकर लटका हुआ था। अनिल को फांसी के फंदे पर लटका देख देवेन्द्र ने तुरंत मकान मालिक और पुलिस को सूचना दी जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
सुसाइड नोट में लिखा उसे कुछ मत कहना
पुलिस को अनिल के पास से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें उसने लिखा है कि मैं अपनी जान आज समाप्त कर रहा और मेरे मरने का कारण कोई नहीं है। गर्लफ्रेंड (यहां युवती का नाम लिखा) को कोई नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। मैं आज अपना जीवन समाप्त कर रहा हूं। गर्लफ्रेंड की कोई गलती नहीं है। उसने मेरे साथ कुछ बुरा नहीं किया। इसलिए मेरे मरने के बाद उसे कोई परेशान नहीं करेगा। मैं अपना जीवन अपनी मर्जी से खत्म कर रहा हूं, गर्लफ्रेंड की कोई गलती नहीं है। मेरी मौत का कारण है गर्लफ्रेंड की मोहब्बत और सहदेव भार्गव। इसी के चक्कर में अपना जीवन खत्म कर रहा हूं।
भाई बोला- लड़की ने भाई को यूज किया
मृतक अनिल के भाई दीपक ने बताया कि अनिल ने जिस चक्कर में अपनी जान दी है वो लड़की उसके साथ प्यार का झूठा नाटक कर रही थी। कई बार भाई से पैसे ले चुकी थी और उसका शोषण करती थी। लड़की भी करैरा की है रहने वाली है और भाई व लड़की दोनों ही एक साथ स्कूल में पढ़े हैं। दीपक ने ये भी बताया कि कुछ समय पहले लड़की की नजदीकियां पिछौर के सहदेव भार्गव से बढ़ गई थीं और उसने भाई अनिल को छोड़ दिया था।