सीकर में हुई बैठक में जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विभागों की लापरवाही को लेकर अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। सड़क, पानी, स्वास्थ्य, बिजली और अधूरे प्रोजेक्टों को लेकर अफसरों को खरी-खरी सुनाई गई।
सीकर। जिला विकास समन्वयक एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक कलक्ट्रेट सभागार में सांसद अमराराम की अध्यक्षता में हंगामेदार माहौल में हुई। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विभागों की लापरवाही को लेकर अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। सड़क, पानी, स्वास्थ्य, बिजली और अधूरे प्रोजेक्टों को लेकर अफसरों को खरी-खरी सुनाई गई। बैठक में लक्ष्मणगढ़ विधायक एवं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने जिला परिषद की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारी "एसी में बैठकर नेतागिरी" कर रहे हैं।
उन्होंने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि "दस महीने में दस काम भी किए हों तो गिना दो।" डोटासरा ने कहा कि जब सांसद और विधायकों के कोटे के काम ही समय पर पूरे नहीं हो रहे, तो आम जनता के कामों की स्थिति आसानी से समझी जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के कई बड़े प्रोजेक्ट अधिकारियों की लापरवाही के चलते केवल कागजों तक सीमित होकर रह गए हैं।
बैठक के दौरान एक अधिकारी के हंसने पर सीकर जिला कलक्टर ने नाराजगी जताते हुए उसे बैठक से बाहर जाने के निर्देश दे दिए। वहीं फसल बीमा में गड़बड़ी के मामलों को लेकर जनप्रतिनिधियों ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।
जनप्रतिनिधियों ने अधूरे पड़े विकास कार्यों को लेकर ठेकेदारों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि समय पर काम पूरा नहीं करने वाले ठेकेदारों पर जुर्माना और कार्रवाई होनी चाहिए। सांसद अमराराम सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने लापरवाह ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की।
बैठक में आरएसआरडीसी के पीडी को भी जनप्रतिनिधियों के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। कोटपूतली-कुचामन फोरलेन परियोजना को लेकर अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इस पर डोटासरा ने नाराजगी जताते हुए कहा कि विभागीय अधिकारियों को यह तक जानकारी नहीं कि सड़क निर्माण कौन एजेंसी करेगी।
सांसद अमराराम ने सालासर मार्ग पर सेवद टोल का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सड़क की हालत बेहद खराब है और टोल प्लाजा पर आए दिन विवाद और मारपीट की स्थिति बनती रहती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सड़क टूटी हुई है तो जनता से टोल किस आधार पर वसूला जा रहा है। इसकी जांच की जानी चाहिए।
बैठक में स्वच्छता कार्यों के टेंडर समय पर जारी करने, वन भूमि में अटकी सड़कों के डायवर्जन कार्य जल्द पूरे कराने, पिपराली चौराहे से पिपराली पुलिया तक सड़क मरम्मत, चिकित्सकों व नर्सिंग कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति रद्द करने तथा झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ अभियान चलाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके अलावा अमृत योजना के तहत ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करने, सीकर रेलवे स्टेशन के वेटिंग रूम का निर्माण जल्द पूरा कराने, स्वास्थ्य भवनों का उद्घाटन, लक्ष्मणगढ़ जिला अस्पताल और एसके मेडिकल कॉलेज अस्पताल निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में ये नेता भी रहे मौजूद
बैठक में सीकर विधायक राजेंद्र पारीक, खंडेला विधायक सुभाष मील, नीमकाथाना विधायक सुरेश मोदी, फतेहपुर विधायक हाकम अली और पूर्व विधायक पेमाराम सहित कई जनप्रतिनिधियों ने सड़क, बिजली, पानी और विकास कार्यों से जुड़े मुद्दे उठाए। बैठक में एडीएम रतन कुमार, जिला परिषद सीईओ राजपाल यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. तेजपाल सिंह, नगर परिषद आयुक्त शशिकांत शर्मा, यूआईटी सचिव जेपी गौड़ सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।