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Inspirational story: ससुराल में रस्में निभाकर परीक्षा देने पहुंची दुल्हन, शिक्षा के जज्बे से दिया सकारात्मक संदेश

सीकर/ नीमकाथाना। अगर इच्छाशक्ति मजबूत हो और परिवार का पूरा सहयोग मिले, तो कोई भी परिस्थिति शिक्षा के मार्ग में बाधा नहीं बन सकती। नीमकाथाना क्षेत्र की नेहा ने इस कथन को सच कर दिखाते हुए समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।
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Updated: 25 Jan 2026, 11:51 AM IST
बीए थर्ड सेमेस्टर की परीक्षा देने पहुंची नेहा, पत्रिका फोटो
बीए थर्ड सेमेस्टर की परीक्षा देने पहुंची नेहा, पत्रिका फोटो

सीकर/ नीमकाथाना। अगर इच्छाशक्ति मजबूत हो और परिवार का पूरा सहयोग मिले, तो कोई भी परिस्थिति शिक्षा के मार्ग में बाधा नहीं बन सकती। नीमकाथाना क्षेत्र की नेहा ने इस कथन को सच कर दिखाते हुए समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। विवाह के अगले ही दिन दुल्हन के परिधान में परीक्षा देने के लिए केंद्र पर पहुंचकर उन्होंने यह साबित कर दिया कि शिक्षा जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

विवाह के अगले ही दिन दी परीक्षा

सिरोही निवासी नेहा का विवाह 23 जनवरी को सांवलपुरा तंवरान निवासी मनीष के साथ संपन्न हुआ। शनिवार सुबह विदाई के बाद नेहा ससुराल पहुंची, जहां पारंपरिक रस्में निभाने के उपरांत उन्होंने बिना समय गंवाए परीक्षा देने की बात परिजनों को बताई । इस पर परिवार और ससुराल पक्ष ने सहमति जताते हुए पूरे सहयोग से नेहा को सीधे राजकीय कमला मोदी महिला महाविद्यालय पहुंचाया, जहां नेहा दोपहर 1 बजे से आयोजित बीए थर्ड सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल हुई।

दुल्हन के परिधान में पहुंची परीक्षा केंद्र

दुल्हन के परिधान में परीक्षा केंद्र पहुंची नेहा को देखकर वहां मौजूद छात्राओं और शिक्षकों ने उनके जज्बे की सराहना की। परीक्षा देकर नेहा ने यह संदेश दिया कि जीवन के किसी भी मोड़ पर शिक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। नेहा बीए सेमेस्टर थर्ड की छात्रा हैं। परिवार और ससुराल पक्ष के सहयोग से ही वे परीक्षा देने पहुंच सकी, जिसके लिए उन्होंने सभी का आभार जताया।

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25 Jan 2026, 11:51 AM IST
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