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छापाला भैरू बाबा के अनोखे मेले में 651 क्विंटल महाप्रसादी के लिए JCB से बनता चूरमा, 450 क्विंटल उपलों जगरे में बाटियों की सिकाई

जयपुर। नारेहड़ा सीकर-कुचामन स्टेट हाईवे पर स्थित ग्राम कुहाड़ा की पहाड़ी स्थित छापाला भैरूजी मंदिर का 17वां वार्षिकोत्सव 30 जनवरी को श्रद्धा और भक्ति के माहौल में मनाया जाएगा। महाप्रसादी बनाने और मेले की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार करीब 651 क्विंटल महाप्रसादी तैयार की जा रही है।
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जयपुर

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Anand Prakash Yadav

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Updated: 25 Jan 2026, 9:25 AM IST

महाप्रसादी के लिए 450 क्विंटल उपलों से जला 100 मीटर जगरा, पत्रिका फोटो

महाप्रसादी के लिए 450 क्विंटल उपलों से जला 100 मीटर जगरा, पत्रिका फोटो

जयपुर। नारेहड़ा सीकर-कुचामन स्टेट हाईवे पर स्थित ग्राम कुहाड़ा की पहाड़ी स्थित सामाजिक समरसता और आस्था के केंद्र छापाला भैरूजी मंदिर का 17वां वार्षिकोत्सव 30 जनवरी को श्रद्धा और भक्ति के माहौल में मनाया जाएगा। महाप्रसादी बनाने और मेले की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार करीब 651 क्विंटल महाप्रसादी तैयार की जा रही है। इसके लिए 100 मीटर लंबा जगरा लगाया है। 150 क्विंटल आटे से बाटियों की सिकाई की जा रही है। जगरा जलाने के लिए 450 क्विंटल उपलों का इस्तेमाल किया गया।

बाटियों की कंप्रेसर से सफाई, थ्रेसर से पिसाई

150 क्विंटल आटे से तैयार बाटियों को सिकाई के बाद कम्प्रेसर से साफ किया जाएगा और फिर थ्रेसर से पिसाई कर चूरमा बनाया जाएगा। चूरमे में जेसीबी से 35 क्विंटल घी व 130 क्विंटल खाण्ड मिलाई जाएगी। प्रसादी में केवल चूरमा, दही और दाल ही परोसी जाती है। वार्षिकोत्सव से एक दिन पहले कलश यात्रा निकाली जाएगी। मुख्य दिन मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन होगा।

मुख्य बातें और आकर्षण:

  • आयोजन: 30 जनवरी को भव्य भंडारा, जागरण और लक्खी मेले का आयोजन।
  • विशेष प्रसादी: 651 क्विंटल दाल, चूरमा और दही का भोग लगाया जाएगा।
  • जेसीबी (JCB) से चूरमा: प्रसादी तैयार करने के लिए जेसीबी का उपयोग किया जाता है।
  • मान्यता: भक्त सोनगिरा पोसवाल द्वारा स्थापित इस मंदिर में संतान सुख के लिए महिलाएं विशेष मन्नत मांगती हैं।
  • व्यवस्था: 1 माह से तैयारियां, 5000, वालंटियर्स और हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा।

हेलिकॉप्टर से होगी पुष्पवर्षा

मंदिर प्रांगण और आयोजन स्थल पर हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा होगी और इसके लिए हेलीपैड तैयार किया गया है। ग्रामीण जयराम जेलदार, पुजारी रोहिताश बोफा और कैलाश धाबाई के अनुसार आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए स्कूलों के करीब 5 हजार वॉलिंटियर, 3 हजार पुरुष कार्यकर्ता और 500 महिला स्वयंसेवक अपनी सेवाएं देंगे।

मेला संयोजक जयराम जेलदार ने बताया कि 29 जनवरी को कलश यात्रा निकाली जाएगी, जबकि 30 जनवरी को बाबा का लक्खी मेला आयोजित होगा। मेले में सवाईमाधोपुर, ग्वालियर, झालावाड़, कोटा, मुरैना, मध्यप्रदेश, हरियाणा और दिल्ली सहित दूर-दराज़ से श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

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