22 वर्षीय अग्निवीर करणसिंह राठौड़ का बुधवार को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में तैनाती के दौरान हार्ट अटैक से हुए निधन से गांव में शोक की लहर छा गई।
श्रीमाधोपुर। कंचनपुर जोरावर नगर गांव की राठौड़ की ढाणी निवासी 22 वर्षीय अग्निवीर करणसिंह राठौड़ का बुधवार को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। करणसिंह पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में तैनात थे, जहां हार्ट अटैक आने से उनका निधन हो गया था।
बुधवार को करणसिंह की पार्थिव देह श्रीमाधोपुर थाने पहुंची। इसके बाद जवान के सम्मान में श्रीमाधोपुर थाने से पैतृक गांव राठौड़ की ढाणी तक तिरंगा यात्रा निकाली गई। गांव पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों ने करणसिंह की पार्थिव देह के अंतिम दर्शन किए। इस दौरान सैनिक के पिता दयाल सिंह राठौड़ ने हाथ जोड़कर अपने इकलौते बेटे को नमन करते हुए अंतिम विदाई दी। वहीं मां और बहन का रो-रोकर बुरा हाल था।
कंचनपुर गोशाला के पास स्थित मोक्ष धाम में करणसिंह का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। यहां साथ आए सैनिकों ने बिगुल बजाकर और हवाई फायर कर गार्ड ऑफ ऑनर दिया। करणसिंह को उनके भतीजों ने मुखाग्नि दी।
सुबेदार करणाराम ने बताया कि एक फरवरी को दोपहर करीब दो बजे करणसिंह ड्यूटी पर जाने से पहले भोजन की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान वे बाथरूम गए, जहां उन्हें अचानक हार्ट अटैक आ गया। साथियों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजन चतर सिंह राठौड़ ने बताया कि करणसिंह दिसंबर 2022 में भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए थे। वे 17 कोर सिलीगुड़ी बागडोगरा में तैनात थे। एक फरवरी की शाम को सिलीगुड़ी से आर्मी के कमांडिंग ऑफिसर ने फोन पर उनके निधन की सूचना दी थी।
परिजनों ने बताया कि करणसिंह ने निधन से करीब तीन घंटे पहले अपनी मां मुकेश कंवर से फोन पर बात की थी। इसके तीन घंटे बाद ही उनके निधन की सूचना मिलने से परिवार स्तब्ध रह गया। करणसिंह के पिता दयाल सिंह राठौड़ करीब दस साल पहले सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। करणसिंह के दोनों चाचा भी सेना में कार्यरत हैं। करणसिंह दो भाई-बहन थे, जिनमें उनकी बड़ी बहन निकिता कंवर सीमा सुरक्षा बल में कार्यरत हैं। करणसिंह अविवाहित थे।