सीकर के भादवासी में करोड़ों की 24 बीघा जमीन विवाद में प्रॉपर्टी डीलर मनीष भांबू की हत्या के मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी हिस्ट्रीशीटर रविंद्र कटेवा के गुर्गे महिपाल जाखड़ को गिरफ्तार किया है। शराब में जहर पिलाकर हत्या की गई थी।
Manish Bhambu Murder Case: सीकर: भादवासी में करोड़ों रुपए कीमत की 24 बीघा जमीन के विवाद में मध्यस्थता करवाने वाले प्रॉपर्टी डीलर मनीष भांबू को शराब में जहरीला पदार्थ पिलाकर मारने के मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी हिस्ट्रीशीटर रविंद्र कटेवा के खास गुर्गे महिपाल को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस पहले कांस्टेबल प्रदीप कुमार उर्फ मुकेश दड़िया और बैंककर्मी मनोज कुमार को गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। उद्योग नगर थानाधिकरी राजेश कुमार और उनकी टीम ने मुखबिर से सूचना मिलने पर आरोपी महिपाल जाखड़ को रानोली क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। मनीष भांबू की हत्या करने के बाद ही झुंझुनूं के खिरोड़ की ढाणी में गैंगवार की घटना हुई थी।
हिस्ट्रीशीटर रविंद्र कटेवा के गुर्गे बदमाश महिपाल सिंह जाखड़ (41) पुत्र जगनाराम जाखड़ निवासी राधाकिशनपुरा पिछले कुछ महीने से अलग-अलग जगह फरारी काट रहा था। गौरतलब है कि 30 सितंबर 2025 को मनीष भांबू के भाई प्यारेलाल ने उद्योगनगर पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि पिपराली इलाके के भामूओं की ढाणी के रहने वाले प्यारेलाल ने रिपोर्ट में बताया कि 29 सितंबर को दोपहर के समय उनके भाई मनीष कुमार को महिपाल नाम का आदमी सीकर के नवलगढ़ रोड से गाड़ी में बैठाकर रानोली लेकर गया था। हिस्ट्रीशीटर भादवासी में श्रवण भादवासी की 24 बीघा जमीन मामले में राजीनामा नहीं करना चाहता था। ऐसे में आरोपियों ने राजीनमा करवाने वाले मनीष भांबू को जमकर शराब पिलाई।
उन्होंने मृतक मनीष से उसके चचेरे भाई दिनेश को कार के लिए फोन करवाया था। मनीष कुमार, रविंद्र कटेवा, मनोज भींचर, मुकेश उर्फ प्रदीप दड़िया और रोहित भूलिया उसी रात 11 बजे खिरोड़ गांव गए और कार लेकर मनीष भांबू को जयपुर ले गए। जयपुर में शराब में जहरीला पदार्थ मिला मनीष को पिला दिया था। मनीष की मृत्यु होने पर उसके शव को सीकर के एसके हॉस्पिटल छोड़कर भाग गए थे।