
सीकर: जयपुर के एक कोल्ड स्टोरेज में रखे सीकर के ड्राई फ्रूट्स व्यापारी के करीब 15 लाख रुपए कीमत के इलायची के 13 बोरे गायब करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपियों ने पीड़ित व्यापारी की फर्म के फर्जी और कूटरचित लेटर पैड पर जाली हस्ताक्षर कर पूरा माल खुर्द-बुर्द कर दिया। पीड़ित द्वारा माल या उसकी कीमत वापस मांगने पर आरोपियों ने न सिर्फ साफ इनकार कर दिया, बल्कि उसे जान से मारने की धमकी भी दी। सीकर की कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली थाना पुलिस के अनुसार, बजाज रोड (सीकर) निवासी पीड़ित व्यापारी मनोज कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया कि उन्होंने अपनी फर्म के स्वामित्व की इलायची के कुल 20 बोरे (लॉट नंबर- 9425/20), जयपुर के विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल एरिया (रोड नंबर 9-जे) स्थित 'रणछोड़नाथ इंडस्ट्रीज (कोल्ड स्टोरेज)' में सुरक्षित रखवाए थे।
परिवादी ने पूर्व में जयपुर के गणगौरी बाजार स्थित 'श्री गोविंद फर्म' से करीब 25 बोरे इलायची खरीदी थी, जिसका भुगतान ऑनलाइन और नकद किया गया था। इस माल को भी इसी कोल्ड स्टोरेज में रखा गया था, जिसका किराया चुकाया जा चुका था।
'श्री गोविंद फर्म' के संचालक व पार्टनर नर्मदा झंवर और उनका बेटा पवन झंवर पीड़ित के परिचित थे, जिनसे उनका पुराना व्यापारिक रिश्ता था। वहीं, कोल्ड स्टोरेज के संचालक तेजराज तापड़िया, आरोपी नर्मदा और पवन झंवर के नजदीकी रिश्तेदार हैं।
पीड़ित मनोज कुमार ने बताया कि 4 अप्रैल को आरोपी पवन झंवर ने उन्हें फोन किया। उसने कहा कि किसी ग्राहक को माल का सैंपल दिखाना है और कोल्ड स्टोरेज की औपचारिकताएं पूरी करनी हैं। इसलिए फर्म का लेटर पैड तत्काल व्हाट्सएप पर भेज दें। पवन पर भरोसा करके मनोज ने अपनी फर्म का एक कोरा लेटर पैड व्हाट्सएप के जरिए उसे भेज दिया।
आरोपियों ने इस कोरे लेटर पैड का दुरुपयोग करते हुए उस पर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और पीड़ित के जाली हस्ताक्षर कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने साठगांठ कर 7 अप्रैल को 5 बोरे और 17 अप्रैल को 8 बोरे, यानी कुल 13 बोरे इलायची कोल्ड स्टोरेज से पार कर दी।
जब पीड़ित को इस धोखाधड़ी की भनक लगी, तो उन्होंने जयपुर के संबंधित व्यापारियों से संपर्क किया और अपना माल या उसकी बाजार कीमत वापस मांगी। इस पर आरोपियों ने माल लौटाने से स्पष्ट मना कर दिया और पीड़ित को गंभीर परिणाम भुगतने व जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने कोल्ड स्टोरेज से माल निकालने के लिए न तो कोई पत्र लिखा था और न ही किसी अन्य व्यक्ति को इसके लिए अधिकृत किया था। फिलहाल, पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।