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RBSE 10th Result Success Story: रिविजन के सहारे सीकर की प्रियांशी ने 600 में से 599 नंबर लाकर रचा इतिहास, सिर्फ अंग्रेजी में कटा एक नंबर

RBSE 10th Result: सीकर में प्रियांशी ने 99.83 प्रतिशत अंक हासिल कर शानदार सफलता का रिकॉर्ड बनाया है। लगातार मेहनत और अनुशासन के दम पर उन्होंने 600 में से 599 अंक हासिल कर इतिहास रच दिया है।

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Mar 24, 2026
नाना के साथ प्रियांशी। फोटो- पत्रिका

सीकर। यदि मन में कुछ करने का जुनून हो तो कठिन से कठिन चुनौतियों को पार कर इतिहास रचा जा सकता है। यह बात सुदरासन सांगलिया निवासी प्रियांशी ने साबित कर दिखाया है। होनहार छात्रा ने 99.83 प्रतिशत अंक हासिल कर शानदार सफलता दर्ज की है। प्रियांशी का केवल अंग्रेजी विषय में एक अंक कटा है, जबकि अन्य सभी विषयों में उसने 100 में से 100 अंक प्राप्त किए हैं। इस तरह उसने कुल 600 में से 599 अंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

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पांच बार से अधिक रिविजन किया

प्रियांशी ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने पिता सीताराम सुण्डा, माता सुनीता देवी, नानी लूणाराम दूधवाल और अपने शिक्षकों को दिया है। छात्रा प्रियांशी ने बताया कि उसने परीक्षा की तैयारी के दौरान पांच बार से अधिक रिविजन किया। उसका सपना भविष्य में इंजीनियर बनना है और वह इसके लिए लगातार मेहनत कर रही है।

डाउट को तुरंत क्लियर किया

प्रियांशी का कहना है कि उसने पढ़ाई के दौरान एक खास आदत अपनाई, जिसमें कोई भी डाउट आने पर उसे तुरंत क्लियर किया। घर पर डाउट आने पर उसने सोशल मीडिया की मदद ली और अपने सवालों का समाधान किया। उसने बताया कि नियमित अध्ययन और अनुशासन के दम पर ही यह मुकाम हासिल किया जा सकता है। वह रोजाना स्कूल के अलावा घर पर भी करीब पांच से छह घंटे पढ़ाई करती थी और कभी भी पढ़ाई को बोझ नहीं समझा।

वहीं दूसरी तरफ बाकरा गैस प्लांट के पास स्थित अंबेडकर नगर निवासी एवं श्री राणी सती गर्ल्स सीनियर सेकंडरी स्कूल की छात्रा अनन्या ने दसवीं बोर्ड परीक्षा में 99.67 प्रतिशत अंक प्राप्त कर झुंझुनूं जिले का नाम रोशन किया है। सेठ मोतीलाल लॉ कॉलेज में लाइब्रेरियन त्रिकालदर्शी व सुमंती देवी की होनहार पुत्री अनन्या ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के सहयोग और घर के सकारात्मक माहौल को दिया है।

उन्होंने बताया कि पढ़ाई के दौरान उसने अनुशासन को सबसे अधिक महत्व दिया। मोबाइल फोन का उपयोग केवल पढ़ाई तक सीमित रखा और अन्य समय उससे दूरी बनाए रखी। स्कूल से आने के बाद वह पहले अपना होमवर्क पूरा करती थी और फिर कक्षा में पढ़ाए गए पाठ का नियमित रिविजन करती थी। अनन्या का कहना है कि अगर दृढ़ निश्चय के साथ लक्ष्य तय किया जाए तो कोई भी सफलता हासिल की जा सकती है। उसका सपना भविष्य में चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) बनकर अपने कॅरियर को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है।

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