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Sikar: 6 अवैध कॉलोनियां चिन्हित, UIT ने जारी किया नोटिस, जवाब नहीं दिया तो होगी कार्रवाई

Sikar Master Plan Update: सीकर में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ यूआईटी ने सख्ती दिखाते हुए 6 कॉलोनियों को चिन्हित कर नोटिस जारी किए हैं। मास्टर प्लान के लंबे समय से अटके होने के बीच शहर में अवैध निर्माणों का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है।
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Updated: 18 Jun 2026, 10:17 AM IST
Illegal Colonies
AI जनरेटेड फोटो

UIT Action On Illegal Colonies: शिक्षानगरी सीकर के अटके मास्टर प्लान के बीच अवैध कॉलोनियों का खेल नहीं थम रहा है। लगातार अवैध कॉलोनियों के पनपने के बाद अब यूआइटी के जिम्मेदार जागे हैं। यूआइटी सचिव ने छह कॉलोनियों को अवैध घोषित करते हुए बेदखली की कार्रवाई करने के लिए नोटिस जारी किया है। सूत्रों की माने तो जिला मुख्यालय इलाके में 150 से अधिक कॉलोनियों का नियमन कायदों के फेर में उलझा हुआ है। यदि मास्टर प्लान जारी होता है कई कॉलोनियों का नियमन हो सकता है।

वहीं मास्टर प्लान की वजह से कई कॉलोनियों के लोगों को पट्टे का सपना भी टूट रहा है। इधर, यूआइटी सचिव की ओर से जारी सूचना में बताया कि कुडली में खाताधारक सुरेन्द्र कुमार नेहरा, मनीषा पत्नी रमन चौधरी, ताराचंद, देवीलाल सैनी, भगवान सिंह, राजेन्द्र कुमार, सुनील कुमार, मनभरी पत्नी भूराराम, महेश कुमार, भंवरलाल, गोरधन पुत्र सांवरमल, नरेन्द्र पुत्र सांवरमल, परमेश्वरी देवी पत्नी सांवरमल, भावना कुमारी पत्नी सांवरमल, मंजू पुत्री सांवरमल, सुमन देवी पुत्री सांवरमल आदि के खातों में अवैध कॉलोनी विकसित हो गई। हालांकि यूआइटी की ओर से इन खातेदारों को एक महीने का मौका दिया गया है। यूआइटी सचिव ने बताया एक महीने बाद भी आवेदन नहीं करने पर ऐसे खातेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अटका मास्टर प्लान, लगातार अवैध कॉलोनियां

शिक्षानगरी का मास्टर प्लान भी पिछले ढ़ाई साल से अटका हुआ है। मास्टर प्लान के अटकने की वजह से भी शिक्षानगरी के सभी जोन में लगातार अवैध कॉलोनियों की संख्या बढ़ रही है। कई कॉलोनाइजर्स का कहना है कि मास्टर प्लान के अटकने की वजह से लोगों की आशियाने की आस टूट रही है।

निवेशकों की टूट रही उम्मीदें

शिक्षानगरी सीकर में यूआइटी व नगर परिषद की ओर से शहरवासियों को आवासीय कॉलोनी की कोई सौगात नहीं दी जा रही है। दूसरी तरफ निजी कॉलोनियों की संख्या भी कम हो रही है। दूसरी तरफ मास्टर प्लान की वजह से निवेशक भी दूसरे शहरों में जाने लगे है। वहीं कई कॉलोनाइजर्स की ओर से बिना सुविधाओं के ही कॉलोनी विकसित कर लोगों को भूखंड दिए जा रहे है। इससे भविष्य में यूआइटी व नगर परिषद की चुनौती बढ़ना तय है।

इधर, यूआइटी की कॉलोनी भी नहीं आ रही धरातल पर

यूआइटी की ओर से दो साल से आवासीय कॉलोनी के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे है, लेकिन इन कॉलोनियों को भी धरातल नहीं मिल रहा है। इस वजह से लोगों को मजबूरी में दूर-दराज में बसने वाली कॉलोनियों में भूखंड लिए जा रहे हैं। वहीं नगर परिषद की मल्टीस्टोरी योजना भी दो साल से अनलॉक नहीं हो पा रही है।

अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। अवैध कॉलोनियों के लिए लगातार सर्वे कराया जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से आमजन की सुविधा के लिए शहरी सेवा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसमें आमजन अप्रूव्ड कॉलोनियों के बारे में भी जानकारी ले सकते है। वहीं कॉलोनाइजर्स भी शिविरों में नियमन के लिए आवेदन कर सकते है।
जगदीश गौड़, सचिव, यूआइटी, सीकर

Updated on:
18 Jun 2026, 10:17 AM IST
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