शहरी सरकार की तीन दिन से अंदरखाने चल रही योजना के दम पर बड़े अतिक्रमण को हटाने में सफल हो सकी है। नगर परिषद आयुक्त की ओर से आचार संहिता हटते ही न्यायालय के निर्णय की पालना में भवन मालिक को नोटिस जारी कराया गया। इसके बाद महज दो दिन के भीतर कार्रवाई को धरातल पर ला दिया, इससे सियासी दाव-पेंच भी इस मामले में सामने नहीं आए।
कदम-कदम जाम की वजह से हांफती शिक्षानगरी के लिए यह राहतभरी खबर है। नगर परिषद और सार्वजनिक निर्माण विभाग दस्ते ने कई सालों बाद अतिक्रमण के खिलाफ हिमत दिखाई। कल्याण सर्किल इलाके में बनी नटराज होटल पर 45 साल से 15 अतिक्रमण के आरोप थे।
इस मामले में पिछले दिनों न्यायालय का फैसला भी आ गया, लेकिन अफसरों के राज में अतिक्रमण की फाइलों पर धूल ही जमी रही। रविवार को जिमेदारों ने थो़ड़ी हिमत करते हुए नटराज होटल के अतिक्रमण पर पीला पंजा चला दिया। इससे सीकरवासियों को कल्याण सर्किल से लेकर डाक बंगला तिराहा तक जाम से राहत मिल सकेगी। यदि इस जोन में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को और आगे बढ़ाती है तो शहरवासियों की राहें और भी सुगम हो सकती है। इस दौरान एसडीएम जय कौशिक, नगर परिषद आयुक्त शशिकांत शर्मा, एएसपी गजेंद्रसिंह, सीओ रमेश माचरा सहित थानाधिकारी मौजूद रहे।
शहरी सरकार की तीन दिन से अंदरखाने चल रही योजना के दम पर बड़े अतिक्रमण को हटाने में सफल हो सकी है। नगर परिषद आयुक्त की ओर से आचार संहिता हटते ही न्यायालय के निर्णय की पालना में भवन मालिक को नोटिस जारी कराया गया। इसके बाद महज दो दिन के भीतर कार्रवाई को धरातल पर ला दिया, इससे सियासी दाव-पेंच भी इस मामले में सामने नहीं आए।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने कल्याण सर्किल व एलआईसी ऑफिस की गली व लुहारू बस स्टैण्ड इलाके में सुबह साढ़े छह बजे ही सप्लाई बंद करा दी। सप्लाई बंद होने की वजह से व्यापारियों को दिनभर परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं इलाके में अतिक्रमण की वजह से काफी मलबा भी एकत्रित हो गया। मलबा उठाने की कार्रवाई देर शाम तक जारी रही।
नगर परिषद व सार्वजनिक निर्माण विभाग ने अतिक्रमण की हटाने की तैयारी शनिवार को ही पूरी कर ली थी। व्यापारियों से दुकाने भी शनिवार को खाली करवा ली गई थी। सुबह साढ़े छह बजे जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई तो तेज धमाकों की गूंज शुरू हो गई। कार्रवाई को देखने के लिए लोगों को दिनभर मेला लगा रहा।
कल्याण सर्किल से लेकर नवलगढ़ रोड, स्टेशन रोड पर आए दिन जाम की समस्या बनी रहती है। होटल व दुकानों के अतिक्रमण को तोड़ने के बाद जाम से थोड़ी राहत मिलेगी लेकिन पूर्ण समस्या का समाधान नवलगढ़ पुलिया के चौड़ी होने व कल्याण सर्किल स्थित एक अन्य होटल को तोड़ने की कार्रवाई के बाद ही जाम की समस्या दूर होगी। हालांकि तत्कालीन कलक्टर एलएन सोनी ने दो होटलों को तोड़ने को लेकर निर्देश दिया था। उस दौरान दुकानदार व होटल संचालक न्यायालय से स्टे लेकर आ गए थे।
नगर परिषद ने कल्याण सर्किल इलाके में कार्रवाई कर जनता की राहें सुगम की है। लेकिन नगर परिषद को शहर के अन्य जोन में भी सर्वे कराना चाहिए। सीकर जिला मुयालय पर तत्कालीन जिला कलक्टर एलएन सोनी के समय हर जोन में बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हुई थी। इससे शहरवासियों को कई साल तक फायदा मिला। बढ़ती आबादी और बढ़ते वाहनों की वजह से अब फिर से शहर में दिनभर जाम के हालात बने रहते है। यदि परिषद की ओर से चार साल पुराने सर्वे के आधार पर कार्रवाई करती है तो 67 से ज्यादा स्थानों पर अतिक्रमण है। सोनी के सपने को वर्तमान कलक्टर कमर उल जमान चौधरी ने पूरा किया और इस दिशा में काम कर रहे हैं।
न्यायालय का पक्ष प्रशासन के पक्ष में आया।
भवन मालिक जमीन के मूल दस्तावेज भी न्यायालय व प्रशासन की सुनवाई में पेश नहीं कर सका।
भवन निर्माण स्वीकृति के स्थान पर किरायदारों की स्वीकृति का पत्र दिया।
बरामदे के स्थान पर दुकान बना दी।
नगर परिषद के सेक्टर प्लान में नटराज होटल अतिक्रमण के दायरे में।
सार्वजनिक निर्माण विभाग के मार्गाधिकार रिपोर्ट में भी रास्ते में होटल को अवरूद्ध माना।
सुनवाई के दौरान कमजोर पक्ष।
कलक्ट्रेट से भी आगे निर्माण कराया। इस वजह से सबसे पहले अतिक्रमण के मामले में चिन्हित किया गया। कलक्ट्रेट मार्ग पर ही एक अन्य होटल का मामला भी न्यायालय में है। रविवार को एक होटल का अतिक्रमण हटाने के बाद अधिकारियों ने दूसरी छोर से भी अतिक्रमण हटाने के लिए न्यायालय में मजबूत पैरवी की योजना बनाई है। वहीं शहर के प्रमुख मार्ग पर 14 अन्य अतिक्रमणों की भी सूची तैयार की है।
अतिक्रमण को लेकर नगर परिषद प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। अतिक्रमण के मामलों में लगातार इस तरह से कार्रवाई जारी रहेगी।
शशिकांत शर्मा, आयुक्त, नगर परिषद