सिरोही जिले में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज राज्यमंत्री ओटाराम देवासी के प्रयासों से जिले के विभिन्न गांवों में पेयजल सुविधाओं के विस्तार के लिए लगभग 80 लाख रुपए की योजनाओं को स्वीकृति मिली है। इसके तहत केसरपुरा, बड़गांव, रोवाड़ा और सिलदर-रामपुरा क्षेत्रों में ट्यूबवेल निर्माण एवं पुरानी पाइपलाइन बदलने के कार्य किए जाएंगे।

सिरोही। जिले के लोगों को जल्द ही बेहतर पेयजल सुविधाओं का लाभ मिलने वाला है। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज राज्यमंत्री ओटाराम देवासी के प्रयासों से जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 80 लाख रुपए की पेयजल परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इन योजनाओं के तहत ट्यूबवेल निर्माण, जर्जर पाइपलाइन बदलने और जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के कार्य किए जाएंगे, जिससे हजारों ग्रामीणों को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल से जुड़ी विभिन्न समस्याएं सामने आ रही थीं। ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग को देखते हुए उन्होंने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) मंत्री कन्हैयालाल चौधरी से मुलाकात कर संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा की। इसके बाद विभाग की ओर से विभिन्न योजनाओं को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई।
स्वीकृत कार्यों में केसरपुरा गांव में पुरानी और दूषित हो चुकी पाइपलाइन को बदलने का कार्य शामिल है। इस परियोजना पर 9.34 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इससे क्षेत्र के लोगों को साफ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। वहीं बड़गांव क्षेत्र में जवाई नदी पर बनी राइजिंग मेन पाइपलाइन को बदलने के लिए 29.90 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है। लंबे समय से पुरानी पाइपलाइन के कारण जलापूर्ति प्रभावित हो रही थी, जिसे अब नई पाइपलाइन से बेहतर बनाया जाएगा।
इसके अलावा रोवाड़ा गांव में 13.59 लाख रुपए की लागत से नए ट्यूबवेल का निर्माण कराया जाएगा। इससे क्षेत्र में भूजल आधारित पेयजल आपूर्ति को मजबूती मिलेगी। वहीं सिलदर-रामपुरा क्षेत्र में भी 24.55 लाख रुपए की लागत से नए ट्यूबवेल का निर्माण किया जाएगा। इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद ग्रामीणों को पानी की कमी से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। विशेष रूप से गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से निपटना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि स्वीकृत योजनाओं के लिए जल्द ही कार्यादेश जारी किए जाएंगे और निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद संबंधित गांवों और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा लोगों को स्वच्छ और पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा। इससे ग्रामीणों को रोजमर्रा की परेशानियों से राहत मिलेगी और जलापूर्ति व्यवस्था अधिक सुदृढ़ बनेगी।