
Sirohi Momina Murder : मृतक छात्रा मोमीना (फाइल फोटो-पत्रिका)
सिरोही। राजस्थान के सिरोही जिले में दो साल पहले पढ़ाई को लेकर हुई एक दर्दनाक घटना में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपनी 17 वर्षीय बेटी की बेरहमी से पिटाई कर उसकी मौत का कारण बने पिता को आबूरोड की अदालत ने 10 वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी को हत्या का नहीं, बल्कि मानव वध का दोषी मानते हुए यह फैसला दिया। इसके साथ ही उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश क्रम संख्या-1, आबूरोड कुलदीप सूत्रकार ने गुरुवार को मामले में फैसला सुनाया। दोषी फतेह मोहम्मद को भारतीय न्याय संहिता के तहत मानव वध का दोषी मानते हुए सजा सुनाई गई।
उप निदेशक अभियोजन अधिकारी राजश्री व्यास ने बताया कि घटना 4 अप्रैल 2024 की है। आबूरोड शहर के गांधीनगर इलाके में रहने वाली 17 वर्षीय मोमीना 11वीं कक्षा की छात्रा थी। आरोप है कि पढ़ाई नहीं करने की बात को लेकर पिता फतेह मोहम्मद का बेटी से विवाद हो गया। गुस्से में उसने बेटी के साथ थप्पड़ों, मुक्कों और लकड़ी से बेरहमी से मारपीट की। पिटाई इतनी गंभीर थी कि मोमीना की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अगले दिन 5 अप्रैल 2024 को मृतका के चाचा अकरम भाई ने आबूरोड शहर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में बताया गया कि जब वह भाई के घर पहुंचे तो मोमीना बेहोशी की हालत में मिली। वहीं, मृतका के भाई शाहरुख ने पुलिस को बताया कि पिता ने पढ़ाई नहीं करने की बात पर उसकी बहन को लगातार थप्पड़ों, मुक्कों और लकड़ी से पीटा था।
घटना के बाद आबूरोड शहर थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया और साक्ष्य जुटाने के बाद आरोपी फतेह मोहम्मद के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से उप निदेशक अभियोजन अधिकारी राजश्री व्यास और अपर लोक अभियोजक दिनेश खंडेलवाल ने 13 गवाहों के बयान दर्ज कराए तथा 30 दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने माना कि आरोपी की पिटाई से ही किशोरी की मौत हुई, लेकिन यह मामला हत्या की श्रेणी में नहीं आता। इसलिए न्यायालय ने उसे हत्या के बजाय मानव वध का दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
Updated on:
16 Jul 2026 07:09 pm
Published on:
16 Jul 2026 07:09 pm
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