सिरोही

‘हमारी संस्कृति को छिन्न-भिन्न करने की कोशिश की गई, लेकिन नष्ट नहीं हुई’, सिरोही में बोले राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े

राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े ने कहा कि मैकाले ने हमारी संस्कृति को बिगाड़ने के लिए साल 1835 में जो शिक्षा पद्धति लागू की थी। जजिया कर लगाया, धर्म परिवर्तन किया। लेकिन, हमारी संस्कृति नष्ट नहीं हुई, बल्कि तेजी से बढ़ रही है।
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Sep 28, 2025
Governor Haribhau Kisanrao Bagade
Governor Haribhau Kisanrao Bagade

आबूरोड (सिरोही): राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े ने कहा कि भारत की संस्कृति विश्व की पहली संस्कृति है। हजार वर्षों से ज्यादा समय तक हमारी संस्कृति को छिन्न-भिन्न करने की कोशिश की गई है।


राज्यपाल किसनराव बागड़े ने कहा, मैकाले ने हमारी संस्कृति को बिगाड़ने के लिए साल 1835 में जो शिक्षा पद्धति लागू की थी। जजिया कर लगाया, धर्म परिवर्तन किया, लेकिन, हमारी संस्कृति नष्ट नहीं हुई, बल्कि तेजी से बढ़ रही है। क्योंकि हमारे यहां योगी, महात्मा हुए। हम सर्वधर्म को मानते हैं। उन्होंने किसी ने हमारी शांति बिगाड़ने की कोशिश की तो उसको भी छोड़ना नहीं, यह बात हमें ध्यान रखनी होगी।


महासम्मेलन का विधिवत उद्घाटन किया


राज्यपाल बागड़े ने ब्रह्माकुमारीज संस्थान के मीडिया विंग की ओर से शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय मीडिया महासम्मेलन 2025 के उद्घाटन समारोह के दौरान यह बात कही। इससे पहले राज्यपाल ने महासम्मेलन का विधिवत उद्घाटन किया। राज्यपाल ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज एक आध्यात्मिक विश्वविद्यालय है। संस्था नशामुक्ति, पर्यावरण जागरण, अंधविश्वास दूर करने का भी काम कर रही है।


शांति भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा : राज्यपाल


राज्यपाल ने कहा कि भारत की संस्कृति आक्रमण की नहीं, बल्कि शांति और सहयोग की रही है। भारत ने कभी किसी पर आक्रमण नहीं किया और न ही किसी की शांति भंग की। उन्होंने कहा, सनातन धर्म ने कभी किसी पर टिप्पणी नहीं की, लेकिन उस पर हमेशा टिप्पणी होती रही है।


ब्रह्माकुमारीज और मीडिया की सराहना


राज्यपाल ने ब्रह्माकुमारीज संस्थान के संस्कृति संरक्षण और शांति स्थापना के प्रयासों की प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने कहा कि समाज में एकता, विश्वास और सौहार्द कायम करने में मीडिया की भूमिका अहम है।


उद्घाटन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां


सम्मेलन के उद्घाटन पर आगरा से आईं कलाकार श्वेता सागर ने कत्थक और लोकनृत्य प्रस्तुत किया। जबकि रायपुर की गायिका सारदा नाथ ने स्वागत गीत गाकर उपस्थितों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का संचालन जयपुर जोन की कोऑर्डिनेटर बीके चंद्रकला दीदी ने किया।

Updated on:
28 Sept 2025 07:04 am
Published on:
28 Sept 2025 07:04 am