सिरोही

Leopard Attack: घर के बाहर खड़ी 12 साल की बच्ची पर कहर बनकर टूटा तेंदुआ, पलभर में झाड़ियों में हुआ गायब

Leopard Attack in Sirohi : घटना रोहिड़ा जोड़ क्षेत्र के उत्तमेश्वर महादेव मंदिर के पास बसे गांव की है। विमला नाम की 12 वर्षीय बच्ची रात को अपने घर के बाहर खड़ी थी। तभी पास की झाड़ियों से अचानक तेंदुआ निकल आया।
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Updated: 4 Sep 2025, 12:03 PM IST
Child dies in leopard attack in Vijayraghavgarh in Katni
Child dies in leopard attack in Vijayraghavgarh in Katni- फाइल फोटो-पत्रिका

सिरोही। राजस्थान के सिरोही जिले में बुधवार देर रात दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां पहली बार एक तेंदुए ने इंसान पर हमला कर दिया, जिसमें 12 साल की बच्ची की जान चली गई। इस घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल है और लोग सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

घटना रोहिड़ा जोड़ क्षेत्र के उत्तमेश्वर महादेव मंदिर के पास बसे गांव की है। मृतका की पहचान विमला (12), पुत्री उजमाराम के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, विमला रात को अपने घर के बाहर खड़ी थी। तभी पास की झाड़ियों से अचानक तेंदुआ निकल आया और उसने बच्ची के गले को दबोच लिया। सब कुछ इतनी जल्दी हुआ कि परिजनों और ग्रामीणों के शोर मचाने के बावजूद बच्ची को बचाया नहीं जा सका।

पहले दिखा मूवमेंट, लेकिन कार्रवाई नहीं

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से धनारी और आसपास के इलाकों में तेंदुए की आवाजाही देखी जा रही थी। इसको लेकर वन विभाग को कई बार सूचना भी दी गई, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि अगर समय रहते पिंजरे लगाए जाते या गश्त बढ़ाई जाती तो यह हादसा टल सकता था।

अरावली में जंगली जानवरों का बढ़ता खतरा

सिरोही अरावली की पहाड़ियों से घिरा इलाका है। यहां जंगली जानवर और पक्षी बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पानी और शिकार की कमी की वजह से तेंदुए और भालू जैसे जानवर अब इंसानी बस्तियों की ओर रुख कर रहे हैं। भालू के हमले तो पहले भी होते रहे हैं, लेकिन तेंदुए ने इंसान पर हमला कर जान ले ली, यह पहली बार हुआ है।

ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी

घटना के बाद गांव में जहां बच्ची की मौत से दुख है, वहीं वन विभाग के खिलाफ गुस्सा भी है। लोग मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द पिंजरे लगाकर तेंदुए को पकड़ा जाए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। वहीं, वन विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार सूचना देने के बावजूद विभाग ने फोन तक नहीं उठाया।

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4 Sep 2025, 12:03 PM IST
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