
Rajasthan Bad Road : राजस्थान में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सिरोही जिले में 18.50 करोड़ रुपए की लागत से बनी रोवाड़ा-मनादर सड़क पहली ही बारिश में कई स्थानों पर धंस गई, जबकि राजसमंद जिले के भीम क्षेत्र में 65 लाख रुपए की लागत से तैयार डामरीकरण सड़क तीन दिन के भीतर ही उखड़ गई। दोनों मामलों में ग्रामीणों ने घटिया निर्माण का आरोप लगाया है। वहीं अधिकारियों ने जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया है।
सिरोही जिले के शिवगंज ब्लॉक में रोवाड़ा से मनादर को जोड़ने वाली रोवाड़ा-घाटा सड़क निर्माण पूरा होने के बाद हाल ही में यातायात के लिए खोली गई थी। पहली ही बारिश में सड़क कई स्थानों पर धंस गई तथा गोल पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। यह सड़क पूर्व विधायक संयम लोढ़ा के कार्यकाल में स्वीकृत हुई थी। जनवरी 2026 में कार्य पूर्ण होने पर आवागमन शुरू किया गया। अब पहली बारिश में ही सड़क की स्थिति खराब होने से मामला राजनीतिक तूल भी पकड़ गया है।
पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने पंचायतीराज राज्यमंत्री ओटाराम देवासी पर निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता से भी शिकायत कर गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की। उनका कहना है कि निर्माण में अनियमितताओं के कारण सड़क और पुलिया पहली बारिश भी नहीं झेल सकीं।
वहीं सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता आरसी वराड़ा ने कहा कि बारिश के कारण सड़क किनारे की एक छोटी दीवार क्षतिग्रस्त हुई है। सड़क पर यातायात सामान्य है और एक सप्ताह में मरम्मत करा दी जाएगी।
राजसमंद जिले के भीम उपखंड क्षेत्र में भागावड़ से वाया मगरदो-रीछमाल तक 3.30 किलोमीटर लंबी डामरीकरण सड़क भी पहली बारिश में जगह-जगह से उखड़ गई। सड़क पर करीब 65 लाख रुपए खर्च किए गए। विभाग के अनुसार सड़क का निर्माण वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत हुआ था। कार्य 12 जनवरी 2025 से शुरू होकर 11 जुलाई 2025 को पूरा हुआ तथा इसकी पांच वर्ष की गारंटी अवधि है।
वहीं ग्रामीणों ने बताया कि सड़क का निर्माण 18 जुलाई को शुरू हुआ, जिसे 20 को जल्दबाजी में पूरा कर लिया गया। उनका आरोप है कि घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई। तीन दिन बाद 23 जुलाई को पहली बारिश में ही डामर बह जाने से निर्माण कार्य की पोल खुल गई।
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने हाल ही में कार्यभार संभाला है। एक्सईएन मुकेश राणा ने बताया कि मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच की जाएगी। यदि निर्माण में गड़बड़ी मिली तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।