
Sirohi Crime: गिरफ्तार आरोपी (फोटो-पत्रिका)
सिरोही। ओडा-कैलाशनगर के पटवारी छगनलाल मेघवाल की मौत सड़क हादसा नहीं, बल्कि हत्या थी। पुलिस के अनुसार युवती से विवाद के बाद उसके दो भाइयों ने दोस्त के साथ मिलकर बदला लेने की साजिश रचकर पहले पटवारी की बाइक को लात मारकर गिराया और बाद में सरिए से हमला कर उसकी हत्या कर दी। घटना 10 सितंबर की है।
सिरोही पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ ने शुक्रवार को मीडिया से रूबरू होकर मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि शुरुआत में घटना को सड़क हादसा माना जा रहा था, लेकिन घटनास्थल पर क्षतिग्रस्त बाइक और अन्य परिस्थितियां संदिग्ध लगीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं तकनीकी साक्ष्यों की जांच के बाद पुलिस ने इसे हत्या का मामला माना। पुलिस ने मामले में समीर उर्फ सागर रावल, मनीष कुमार उर्फ माही और प्रवीण कुमार मेघवाल को गिरफ्तार किया है। तीनों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार छगनलाल ओडा में पटवारी था और उसके पास कैलाशनगर का अतिरिक्त चार्ज भी था। 7 सितंबर को कैलाशनगर निवासी सपना रावल उप तहसील कार्यालय पहुंची थी। आरोप है कि वहां उसका पटवारी के साथ विवाद और मारपीट हुई थी। घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था। पुलिस जांच के अनुसार इसी विवाद के बाद सपना के भाई समीर उर्फ सागर ने पटवारी से बदला लेने की साजिश रची। उसने अपने मौसेरे भाई मनीष उर्फ माही और दोस्त प्रवीण के साथ मिलकर वारदात की योजना बनाई।
10 सितंबर की शाम छगनलाल ड्यूटी से कैलाशनगर से बरलूट की ओर जा रहा था। पुलिस के अनुसार जावाल से मांडाणी के बीच आरोपियों ने उसका पीछा कर बाइक को लात मारकर गिरा दिया। इसके बाद आरोपियों ने सरिए से हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। शुरुआत में बाइक क्षतिग्रस्त मिलने से मामला सड़क दुर्घटना जैसा प्रतीत हुआ, लेकिन पुलिस को घटनाक्रम में संदेह हुआ। घटनास्थल का निरीक्षण और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मामला संदिग्ध सामने आया।
पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया और संदिग्धों की गतिविधियों की पड़ताल की गई। जांच के दौरान पुलिस आरोपियों तक पहुंची। पुलिस के अनुसार पूछताछ में तीनों ने वारदात की योजना में शामिल होना स्वीकार किया। इसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी तलाश शुरू की। इसके बाद तीनों को दस्तयाब कर पूछताछ की गई। पुलिस तीनों को चार दिन के रिमांड पर लेकर अनुसंधान में जुटी है।
Updated on:
18 Sept 2026 08:45 pm
Published on:
18 Sept 2026 08:32 pm
