
सिरोही। राजस्थान शिक्षक भर्ती लेवल-प्रथम के परिणामों में रेवदर तहसील के छोटे से गांव डांगराली के दो भाइयों ने शानदार सफलता हासिल कर गांव और समाज का नाम रोशन किया है। सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले हकमाराम देवासी और गणेशराम देवासी ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिक्षक भर्ती परीक्षा में उत्कृष्ट रैंक प्राप्त कर यह साबित कर दिया कि मेहनत और दृढ़ संकल्प से सफलता जरूर मिलती है। उनके पिता ठाकरीराम देवासी अनपढ़ हैं और ऑटोरिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
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उनकी माता भी अनपढ़ हैं तथा नरेगा में मजदूरी करती हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद माता-पिता ने मजदूरी कर बच्चों को पढ़ाया। इसी संघर्ष और त्याग का परिणाम है कि छोटे बेटे गणेशराम ने प्रदेश स्तर पर 95वीं रैंक तथा बड़े भाई हकमाराम ने 170वीं रैंक हासिल की है।
डांगराली गांव में रहने वाले दोनों भाई बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रहे। गांव में बेहतर शिक्षा सुविधाएं नहीं होने के कारण वे प्रतिदिन चार किलोमीटर दूर नागाणी स्थित विद्यालय पैदल पढ़ने जाते थे। स्कूल से लौटने के बाद दोनों भाई खेतों में माता-पिता का हाथ बंटाते थे। कृषि कार्यों के साथ उन्होंने पढ़ाई जारी रखी।
दोनों भाइयों ने बिना किसी कोचिंग के केवल दो वर्षों की मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर शिक्षक भर्ती परीक्षा में सफलता हासिल की। सीमित संसाधनों और कच्चे मकान में पढ़ाई के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। ग्रामीण केसर सिंह देवड़ा ने बताया कि दोनों भाई खेतों में काम के साथ समय निकालकर पढ़ाई करते थे। उनकी सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी है।
गौरतलब है कि इससे पहले सिरोही जिले की शिवगंज तहसील के छोटे से गांव देवनगर के 22 वर्षीय चेतन देवासी का संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर भारतीय सेना में चयन हुआ था। खास बात यह थी कि करीब 400 घरों वाले इस गांव में पहली बार किसी युवा का सरकारी सेवा में चयन हुआ है और वह भी देश सेवा के लिए। चेतन की यह उपलब्धि परिवार व गांव के लिए गौरव का क्षण था। चेतन ने वर्ष 2023 में राउमावि मनादर से 12वीं उत्तीर्ण की। इसके बाद विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं दी, लेकिन शुरुआती प्रयासों में असफलता का सामना करना पड़ा। सेना भर्ती की पहली शारीरिक परीक्षा में वे सफल नहीं हो सके, वहीं राजस्थान पुलिस भर्ती में भी निराशा हाथ लगी। इसके बावजूद हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य पर अडिग रहे।