किवरली गांव के पास सुकड़ी नदी में बह रहे पानी से स्कूली बच्चों को आवागमन में हो रही परेशानी को देखते हुए ग्रामीणों ने श्रमदान और आर्थिक सहयोग से कच्चा रास्ता तैयार किया।
आबूरोड। निकटवर्ती किवरली गांव के पास सुकड़ी नदी में बह रहे पानी के कारण स्कूली बच्चों को आवागमन में हो रही परेशानी को देखते हुए ग्रामीणों ने अपने स्तर पर समस्या के समाधान की पहल की। आपसी विचार-विमर्श के बाद श्रमदान और आर्थिक सहयोग से समस्या के निवारण का निर्णय लिया गया। ग्रामीणों का यह प्रयास रंग लाया और उन्होंने नदी के बीच सीमेंट के बड़े पाइप डालकर कच्चा रास्ता तैयार कर दिया। अब स्कूली बच्चे आसानी से नदी पार कर स्कूल आ-जा सकेंगे।
किवरली के पास सुकड़ी नदी के कुछ हिस्सों में अभी भी पानी बह रहा है। लगातार पानी बहने से काई जम गई थी, जिससे स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही थी। समस्या के समाधान को लेकर ग्रामीणों ने श्रमदान और आर्थिक सहयोग से कच्चा रास्ता बनाने का निर्णय लिया। सभी की सहमति से सीमेंट के दो बड़े पाइप खरीदे गए। इसके अलावा बारिश के दौरान नदी में बहकर झाड़ियों में फंसे दो पाइप भी लाकर उपयोग में लिए गए।
रास्ता बनाने से पहले नदी में कंक्रीट डालकर पानी के बहाव को रोका गया। इसके बाद रास्ते के स्थान पर जेसीबी से खुदाई कर पाइप डाले गए। पाइपों के बीच के गैप में बड़े-बड़े पत्थर रखे गए और फिर ट्रैक्टर व जेसीबी की मदद से मिट्टी डालकर कच्चा रास्ता तैयार किया गया। गांव के भंवरलाल पुरोहित और पन्नालाल पुरोहित ने बताया कि ट्रैक्टर संचालक भरतपाल सिंह, संदीप शर्मा, रणजीत सिंह सोलंकी और भैराराम ने भी इस कार्य में सहयोग किया। अब बच्चों और ग्रामीणों को नदी पार करने में राहत मिलेगी।
राज्य सरकार ने सुकड़ी नदी पर पुल निर्माण के लिए सात करोड़ रुपए से अधिक की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस पर सार्वजनिक निर्माण विभाग ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया है, लेकिन पुल बनने में अभी समय लगेगा। पुल के निर्माण के बाद किवरली सहित आसपास के गांवों के लोगों और विद्यार्थियों को आवागमन में स्थायी सुविधा मिलेगी।
सुकड़ी नदी के कुछ हिस्सों में लगातार पानी बहने और काई जमने से स्कूली बच्चों व ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही थी। ग्रामीणों ने श्रमदान और आर्थिक सहयोग से कच्चा रास्ता बनाने का निर्णय लिया। अब रास्ता तैयार होने से आवागमन की समस्या दूर हो गई है और बच्चे आसानी से नदी पार कर सकेंगे।
गांव में विकास के कार्य जनसहयोग से होने चाहिए। नदी में कच्चा रास्ता बनाने की ग्रामीणों की पहल सराहनीय है। इससे बच्चों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।
गांव के लोगों ने नदी में कच्चा रास्ता बनाकर सराहनीय कार्य किया है। भामाशाह यदि गांव के विकास में सहयोग करते रहें तो समस्याओं के समाधान में काफी मदद मिलती है।