
सरूपगंज। चार ग्राम पंचायतों के क्षेत्रों में प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजना के विरोध में समीपवर्ती वाटेरा गांव के थम्ब बाबा मंदिर परिसर में ग्रामीणों की विशेष ग्राम सभा आयोजित हुई। इसमें प्रस्तावित खनन परियोजना के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर इसे निरस्त करने की मांग की गई। ग्राम सभा में 800.99 हैक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित खनन परियोजना को निरस्त करने और इस संबंध में सरकार की ओर से किए गए एमओयू को तत्काल रद्द करने का प्रस्ताव पारित किया गया।
विशेष ग्राम सभा की अध्यक्षता ग्राम पंचायत वाटेरा की प्रशासक सविता रावल ने की। इस दौरान ग्राम विकास अधिकारी राजेश कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभा में उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर खनन परियोजना के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि ग्राम सभा का यह प्रस्ताव क्षेत्र के सभी प्रभावित गांवों तक पहुंचाया जाएगा।
ग्रामीणों ने पूरी एकजुटता से परियोजना का विरोध करते हुए कहा कि इस निर्णय को जिला प्रशासन और राज्य सरकार तक पहुंचाया जाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने प्रस्ताव को अनदेखा किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रस्तावित खनन परियोजना और एमओयू निरस्त करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। भारतीय किसान संघ के जिला एवं राज्य पदाधिकारी भी सभा में उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने जल, जमीन और जंगल की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
ग्रामीणों ने एकजुट होकर कहा कि वे गांव में प्रस्तावित सांसद खेल महोत्सव का पूरी तरह बहिष्कार करेंगे। उनका कहना है कि जब सरकार और जनप्रतिनिधि उनकी जमीन, पर्यावरण और जीवन से जुड़ी मूल समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, तब ऐसे दिखावटी आयोजनों की कोई आवश्यकता नहीं है। ग्राम सभा में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जब तक खनन परियोजना को रद्द नहीं किया जाता, तब तक वाटेरा में कोई भी सरकारी या राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं होने दिया जाएगा।