Inspiring Story Of Lilki Kumari: यह प्रेरक कहानी सिरोही जिले के गिरवर पंचायत की बुंबरियाफली की रहने वाली लीलकी कुमारी की, जिनके पिता गेमाराम गरासिया ने कठिन परिस्थितियों में मेहनत करते हुए अपनी बेटी को शिक्षा और खेल के क्षेत्र में सफलता की ओर अग्रसर किया।
Real Life Motivational Story: आर्थिक रूप से कमजोर पिता के लिए अपनी जन्मस्थली पर परिवार के लिए भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया तो करीब 14 साल पहले वह परिवार सहित पलायन कर रेवदर के मंडार गांव चले गए।
वहां खेत पर मजदूरी शुरू की। तब बेटी लीलकी कुमारी का जन्म हुआ। उसे पढ़ाने के लिए छात्रावास में प्रवेश दिलवाया। बेटी ने खेल में दमखम दिखाया। मां-पिता के सपनों को साकार करते हुए आज लीलकी कुमारी ऊंची कूद में राष्ट्रीय खिलाड़ी बन गई है। यह कहानी है सिरोही जिले के आबूरोड ब्लॉक की गिरवर पंचायत की बुंबरियाफली के रहने वाले गेमाराम गरासिया की है।
पिंडवाड़ा ब्लॉक के आपररीखेड़ा के राजकीय कन्या छात्रावास व राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्रा लीलकी कुमारी ने पढ़ाई के दौरान एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू किया। ब्लॉक व जिला स्तर पर ऊंची कूद में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जगह बनाई और पहला स्थान प्राप्त किया। लीलकी ने 100 मीटर दौड़ में राजस्थान में पांचवां स्थान प्राप्त किया था। रिले रेस व 200 मीटर दौड़ में सेमी फाइनल तक सफर तय किया था।
सिरोही जिला गरासिया समाज ने बुधवार को लीलकी कुमारी को गुलदस्ता भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया व उज्जवल भविष्य की कामना की। वह शीघ्र गंगानगर जिले में होने वाले राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने जाएगी। गरासिया समाज के जिला कोषाध्यक्ष एवं वकील भावाराम गरासिया, छात्रावास वॉर्डन प्यारी, सरपंच लोटाना नवाराम, शारीरिक शिक्षक दीनदयाल शर्मा, शिक्षक मुरलीधर मीणा, शिक्षक दीताराम, देवाराम समेत समाजबंधु मौजूद थे।