सोनीपत

Farmers March: दिल्ली कूच के बीच खुशखबरी, सरकार ने किसानों की 2 मांगें मानीं, जल्द रिहा होंगे गुरनाम सिंह

India US Trade Deal: भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील का विरोध कर रहे किसानों की दो मांगों को सरकार ने मांग लिया है। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि गुरनाम सिंह को जल्द रिहा करने और अगले एक हफ्ते के भीतर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात करवाने का आश्वासन दिया है।
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Jul 21, 2026
Farmers March
गाजीपुर बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस की कड़ी सुरक्षा। फोटो- एएनआई

सोनीपत। पंजाब-हरियाणा के किसान भारत-अमेरिका एफटीए के खिलाफ दिल्ली कूच पर निकले हैं और शंभू, कुंडली सहित खनौरी बॉर्डर पर जमा हो रहे हैं। देश बचाओ मोर्चा ने इस समझौते को रद्द करने की मांग को लेकर यह आंदोलन शुरू किया है। इसी बीच भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के प्रमुख गुरनाम सिंह को हरियाणा पुलिस ने हिरासत में ले लिया था, जब वे दिल्ली में होने वाली किसान महापंचायत में जाने की तैयारी कर रहे थे।

धारा 163 लागू

इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 लागू कर दी गई है। सड़कों पर बैरिकेड लगाकर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। हालांकि इस बीच किसानों की दो बड़ी मांगें हरियाणा सरकार ने मान ली हैं। सरकार ने हिरासत में लिए गए किसान नेताओं को रिहा करने और केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ बैठक कराने पर हामी भर दी है।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने दिया भरोसा

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि 'मंगल मिलन' बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका-भारत एफटीए को लेकर भरोसा दिया है और कहा कि किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी, उन्हें कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के साथ होने वाले FTA में किसानों का कल्याण सबसे अहम होता है, ताकि यह समझौते किसानों और देश दोनों के ही सर्वोत्तम हितों को पूरा कर सकें।

शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात करवाने का आश्वासन

हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि सरकार ने दोनों मांगों को मानते हुए गुरनाम सिंह को जल्द रिहा करने और अगले एक हफ्ते के भीतर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात करवाने का आश्वासन दिया। वहीं पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने दिल्ली कूच से पहले किसानों पर की जा रही पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार किसानों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनके घरों से ढूंढ-ढूंढकर रोका जा रहा है, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।

कई बॉर्डरों पर सुरक्षा कड़ी

इससे पहले किसान संगठनों के दिल्ली कूच के आह्वान को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से सटे कई बॉर्डरों पर सुरक्षा कड़ी कर दी थी। पुलिस ने रोहतक, सोनीपत, अंबाला, कुरुक्षेत्र, झज्जर, पानीपत और करनाल समेत 12 जिलों में पुलिस ने सघन जांच अभियान शुरू किया था। कई किसान नेताओं और सीजेपी समर्थकों को एहतियातन हिरासत में लिया गया या नजरबंद किया गया। अंबाला के शंभू बॉर्डर पर धारा 163 लागू की गई, जिसके तहत पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश 27 जुलाई तक प्रभावी रहेगा।

तीन किलोमीटर लंबा जाम लगा

वहीं सोनीपत के कुंडली-सिंधु बॉर्डर पर वाहनों की कड़ी जांच के कारण करीब तीन किलोमीटर लंबा जाम लगा। पुलिस ने बॉर्डर पर वज्र वाहन भी तैनात किए। कुरुक्षेत्र में दिल्ली जा रहे करीब 30 किसानों को पुलिस ने ज्योतिसर चौकी के पास रोककर हिरासत में लिया। हिसार क्षेत्र में बहादुरगढ़-द्वारका बाईपास पर भी बैरिकेडिंग कर वाहनों की सघन जांच की गई। गौरतलब है कि किसान आंदोलन के दौरान 13 फरवरी 2024 से 20 मार्च 2025 तक करीब 13 महीने बंद रहने के बाद खुला शंभू बॉर्डर सुरक्षा कारणों से एक बार फिर अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है। इससे दिल्ली-अंबाला-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है।

Updated on:
21 Jul 2026 03:40 pm
Published on:
21 Jul 2026 03:34 pm