23 जून 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘मां, चारों तरफ धुआं है, शायद अब नहीं बचूंगा’; लखनऊ अग्निकांड में सोनीपत के इकलौते बेटे की मौत, आखिरी वीडियो कॉल सुन भर आईं सबकी आंखें

Lucknow Fire Accident: लखनऊ अग्निकांड में सोनीपत के महिपुर गांव के 23 साल के भविष्य शर्मा की मौत। मौत से ठीक पहले मां को की थी आखिरी वीडियो कॉल, बोले आखरी शब्द- 'मां, चारों तरफ धुआं है, अब नहीं बचूंगा।'

2 min read
Google source verification
Lucknow Fire Accident

लखनऊ अग्निकांड में सोनीपत के महिपुर गांव के 23 साल के भविष्य शर्मा की मौत

Bhavishya Sharma Sonipat:लखनऊ के एक बहुमंजिला भवन में हुए दर्दनाक अग्निकांड की लपटें सोनीपत के गांव महिपुर तक पहुंच गई है। दरअसल, इस भीषण हादसे में गांव के एक बेहद होनहार और 23 साल के इकलौते युवक भविष्य शर्मा की दर्दनाक मौत हो गई। नई नौकरी और सुनहरे भविष्य के सपने लेकर लखनऊ गए जवान बेटे की मौत की खबर जैसे ही सोनीपत के महिपुर गांव पहुंची, पूरे इलाके में मातम पसर गया। माता-पिता और बहन का रो-रोकर बुरा हाल है।

आपको बता दें कि सोनीपत के गांव महिपुर के रहने वाले भविष्य शर्मा ने हाल ही में एनिमेशन का कोर्स पूरा किया था। परिवार ने बेहद तंगहाली और संघर्षों के बीच बेटे को इस लायक बनाया था। भविष्य के पिता एक निजी स्कूल में मामूली वेतन पर शिक्षक हैं, जबकि मां घर पर सिलाई-कढ़ाई का काम करके घर खर्च में हाथ बंटाती हैं। करीब 15 दिन पहले ही भविष्य को लखनऊ के एक प्रतिष्ठित एनिमेशन संस्थान में नौकरी मिली थी। बीते 6 जून को ही वह सोनीपत से अपनी आंखों में नए अरमान और माता-पिता के सपनों को समेटकर लखनऊ के लिए रवाना हुआ था, लेकिन किसे पता था कि वहां मौत उसका इंतजार कर रही है।

आखिरी वीडियो कॉल मां- फोन कट गया तो समझो मैं गया…

परिजनों ने बताया कि जब इमारत में भीषण आग लगी, तो भविष्य ने अपनी मां को वीडियो कॉल की थी। फोन पर उसकी आवाज में भारी घबराहट और मौत का खौफ साफ महसूस हो रहा था। उसने रोते हुए मां से कहा कि मां, बिल्डिंग में भयंकर आग लग गई है। चारों तरफ सिर्फ काला धुआं फैल चुका है। मुझे सांस लेने में दिक्कत हो रही है, शायद अब मैं जिंदा नहीं बच पाऊंगा।' इतना बोलते-बोलते ही अचानक फोन कट गया। इसके बाद बदहवास मां और परिवार ने सोनीपत से लगातार उसके नंबर पर कॉल की, लेकिन फोन नहीं मिला। मां ने तुरंत रिश्तेदारों को सूचना दी और सोनीपत से परिवार के कुछ सदस्य तुरंत लखनऊ के लिए रवाना हो गए।

शरीर पर जलने का निशान नहीं, दम घुटने से गई जान

लखनऊ पहुंचे परिजनों ने जब अस्पतालों में खाक छानी, तो किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के मोर्चरी में भविष्य का शव मिला। डॉक्टरों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भविष्य के शरीर पर जलने या किसी बाहरी चोट के स्पष्ट निशान नहीं थे। आशंका जताई जा रही है कि कमरे में जहरीला धुआं भर जाने के कारण दम घुटने से उसकी मौत हो गई।

बहन की शादी और घर की जिम्मेदारी उठाने का सपना रह गया अधूरा

भविष्य अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उस पर अपनी छोटी बहन की शादी करने और बूढ़े माता-पिता को आराम की जिंदगी देने की बड़ी जिम्मेदारी थी। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। लखनऊ से जब भविष्य का पार्थिव शरीर सोनीपत के गांव महिपुर लाया गया, तो हर आंख नम थी। गमगीन माहौल और भारी सिसकियों के बीच गांव के श्मशान घाट में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।