
Neeraj Chopra: भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) के लिए दोहा डायमंड लीग का आगाज उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। चोट से वापसी कर रहे नीरज इस प्रतियोगिता में पदक की दौड़ में अंत तक बने रहे, लेकिन आखिर में उन्हें चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। हालांकि उनके प्रदर्शन की एक सकारात्मक बात यह रही कि उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालीफिकेशन हासिल कर लिया।
दोहा के सुहैन बिन हमाद स्टेडियम में आयोजित इस मुकाबले में नीरज की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उनका पहला प्रयास फाउल हो गया, जिससे उन पर दबाव बढ़ गया। इसके बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने 82.77 मीटर का थ्रो किया। यह दूरी कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए जरूरी क्वालीफिकेशन मार्क 82.61 मीटर से अधिक थी, इसलिए उन्होंने इसी के साथ अपना स्थान पक्का कर लिया। तीसरे राउंड में नीरज ने शानदार वापसी दिखाई। उन्होंने 85.69 मीटर का थ्रो फेंका, जो प्रतियोगिता में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रयास साबित हुआ। इस प्रदर्शन के दम पर वह कुछ समय के लिए शीर्ष तीन खिलाड़ियों में शामिल हो गए थे।
तीन राउंड पूरे होने के बाद मुकाबला काफी रोमांचक हो चुका था। उस समय Anderson Peters 86.38 मीटर के साथ पहले स्थान पर थे, जबकि Curtis Thompson 85.99 मीटर के साथ दूसरे नंबर पर मौजूद थे। नीरज 85.69 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर बने हुए थे। लेकिन चौथे राउंड में मुकाबले का समीकरण बदल गया। श्रीलंका के Rumesh Pathirage ने 88.68 मीटर का जबरदस्त थ्रो कर सभी खिलाड़ियों को पीछे छोड़ दिया और सीधे शीर्ष स्थान पर पहुंच गए। वहीं नीरज अपने चौथे प्रयास में केवल 83.45 मीटर तक ही भाला फेंक सके, जिसके बाद वे टॉप-3 से बाहर हो गए।
पांचवें प्रयास में भी नीरज को निराशा हाथ लगी और उनका थ्रो फाउल करार दिया गया। इसके कारण वह अंतिम राउंड तक नहीं पहुंच सके और उनकी चुनौती वहीं समाप्त हो गई। प्रतियोगिता के अंतिम नतीजों में रुमेश पथिरगे ने 88.68 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ खिताब अपने नाम किया। एंडरसन पीटर्स दूसरे और कर्टिस थॉम्पसन तीसरे स्थान पर रहे। नीरज चोपड़ा 85.69 मीटर के साथ चौथे नंबर पर रहे। इसके अलावा Artur Felfner पांचवें और Julius Yego छठे स्थान पर रहे।