
FIFA World Cup 2026 के ग्रुप-ई में गुरुवार को खेले गए मुकाबलों ने नॉकआउट फेज की तस्वीर पूरी तरह साफ कर दी। सबसे बड़ा उलटफेर इक्वाडोर ने किया, जिसने चार बार की चैंपियन जर्मनी को 2-1 से हराकर अंतिम-32 में जगह बना ली। वहीं आइवरी कोस्ट ने कुरासाओ को 2-0 से हराकर अपने इतिहास में पहली बार विश्व कप के नॉकआउट फेज में प्रवेश किया। जर्मनी पहले ही अगले दौर में पहुंच चुकी थी, लेकिन उसे टूर्नामेंट में अपनी पहली हार झेलनी पड़ी।
ग्रुप-ई के आखिरी मैचों के बाद जर्मनी, इक्वाडोर और आइवरी कोस्ट, तीनों के बीच क्वालिफिकेशन की जंग दिलचस्प रही, लेकिन अंत में इक्वाडोर ने सबसे बड़ा संकेत दिया। जर्मनी पर जीत के साथ उसने अपने अभियान को नई दिशा दी, जबकि आइवरी कोस्ट ने जरूरी जीत दर्ज कर इतिहास बना दिया।
कुरासाओ के खिलाफ मुकाबले में आइवरी कोस्ट ने शुरुआत से ही इरादे साफ कर दिए। टीम ने आक्रामक अंदाज अपनाया और सातवें मिनट में निकोलस पेपे ने गोल दागकर बढ़त दिला दी। पहले हाफ में 1-0 की बढ़त लेने के बाद भी आइवरी कोस्ट ने दबाव बनाए रखा और कुरासाओ को वापसी का मौका नहीं दिया।
दूसरे हाफ में भी कुरासाओ बराबरी के लिए संघर्ष करता रहा, लेकिन आइवरी कोस्ट की डिफेंस लाइन मजबूत रही। 64वें मिनट में निकोलस पेपे ने अपना दूसरा गोल दागकर मुकाबला लगभग खत्म कर दिया। इस जीत के साथ आइवरी कोस्ट ने 2-0 से मैच अपने नाम किया और ग्रुप-ई में नॉकआउट चरण का टिकट पक्का कर लिया। यह विश्व कप इतिहास में उसका पहला नॉकआउट प्रवेश है।
कुरासाओ के लिए यह हार टूर्नामेंट से बाहर होने का कारण बनी। हालांकि विश्व कप में पहली बार उतरी इस टीम ने अपने डेब्यू अभियान में जुझारूपन दिखाया और इक्वाडोर के खिलाफ ड्रॉ जैसी उपलब्धि भी हासिल की।
ग्रुप-ई के दूसरे मुकाबले में जर्मनी ने शुरुआत बेहद तेज की और दूसरे ही मिनट में लेरॉय साने के गोल से बढ़त हासिल कर ली। ऐसा लगा कि चार बार की चैंपियन टीम एक और आसान जीत की ओर बढ़ रही है, लेकिन इक्वाडोर ने शानदार जवाब दिया।
नौवें मिनट में निल्सन अंगुलो ने बराबरी का गोल कर मैच को 1-1 पर ला दिया। इसके बाद इक्वाडोर ने संयम के साथ खेलते हुए जर्मनी को खुलकर हावी नहीं होने दिया। पहले हाफ के बाद मुकाबला बराबरी पर था, लेकिन दूसरे हाफ में दक्षिण अमेरिकी टीम ने लगातार दबाव बनाए रखा।
मैच का निर्णायक पल 77वें मिनट में आया, जब गोंजालो प्लाटा ने गोल दागकर इक्वाडोर को 2-1 की बढ़त दिला दी। इसके बाद जर्मनी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन इक्वाडोर की डिफेंस ने कोई मौका नहीं दिया। अंतिम सीटी के साथ ही इक्वाडोर ने विश्व फुटबॉल की बड़ी ताकतों में शुमार जर्मनी पर यादगार जीत दर्ज कर ली।