टी20 वर्ल्ड कप (ICC T20 World Cup 2026) में इंग्लैंड के कोच ब्रेंडन मैक्कलम (Brandon McCullum) वॉकी-टॉकी के जरिए खिलाड़ियों को निर्देश देते नजर आए। जोस बटलर ने इसे फायदेमंद बताते हुए कहा कि क्रिकेट में कोचिंग के तरीके अब बदल रहे हैं और मैक्कलम बेहद होशियार कोच हैं।
टी20 वर्ल्ड कप (ICC T20 World Cup 2026) में नेपाल (Nepal) के खिलाफ मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मैच के दौरान इंग्लैंड (England) के हेड कोच ब्रेंडन मैक्कलम (Brandon McCullum) वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल करते हुए नजर आए। ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान मैक्कलम ने इस डिवाइस के जरिए कप्तान हैरी ब्रुक और अन्य खिलाड़ियों को सीधे निर्देश दिए। नेपाल ने कांटे की टक्कर देते हुए इंग्लैंड के लिए मैच बेहद मुश्किल बना दिया था। इंग्लैंड सिर्फ 4 रन से मैच जीता, अंतिम ओवर में सैम करन ने शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया और 10 रनों को डिफेंड करने में कामयाब हुए।
आइसीसी (ICC) के प्लेयर एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया नियमों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खिलाड़ियों और टीम स्टाफ को मैदान और ड्रेसिंग रूम में मोबाइल, लैपटॉप या स्मार्टवॉच जैसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस रखने या इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है, ताकि खेल की निष्पक्षता बनी रहे।
हालांकि, इस नियम में कुछ अपवाद हैं:
मंगलवार को की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में इंग्लैंड के सीनियर बल्लेबाज जोस बटलर (Joss Buttler) ने कोच मैक्कलम की इस कोचिंग स्टाइल की तारीफ की। बटलर ने कहा, "वॉकी टॉकी का इस्तेमाल काफी समय से हो रहा है। हमारी टीम में ऊपर से नीचे तक कम्युनिकेशन हमेशा बेहतरीन रहा है। मैक्कलम आराम से पैर ऊपर करके और धूप का चश्मा लगाकर बैठे नजर आते हैं, लेकिन वह जितने होशियार कोच हैं, उतना मैंने किसी को नहीं देखा।"
बटलर ने यह भी कहा कि क्रिकेट में अब कोच मैदान पर ज्यादा सक्रिय हो रहे हैं। उन्होंने अपने आईपीएल के अनुभव का जिक्र करते हुए कहा, "मैंने गुजरात टाइटंस के लिए खेला है। आशीष नेहरा बाउंड्री पर बेहद एक्टिव रहते थे। लेकिन दूसरे खेलों की तुलना में क्रिकेट अभी भी पीछे है। फुटबॉल और फॉर्मूला वन में मैनेजर और कोच लगातार खिलाड़ियों से बात करते हैं। क्रिकेट में भी अब धीरे-धीरे यह बदलाव आ रहा है।"
विल जैक्स ने भी इस तरीके को प्रभावी बताया और कहा कि यह कप्तान या बल्लेबाजों तक जानकारी पहुंचाने का एक सरल और कारगर तरीका है।
क्रिकेट इतिहास में कई ऐसे कोच रहे हैं जिन्होंने नए तरीकों का इस्तेमाल कर खेल को नई दिशा दी।