श्री गंगानगर

Census 2026: राजस्थान में शुरू हुई जनगणना, लेकिन लोगों को सता रहा ये डर, ग्रामीण दे रहे आधी-अधूरी जानकारी

Census in Rajasthan: राजस्थान में जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जनगणना 2 चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में हाउस लिस्टिंग और आवास गणना की जाएगी वहीं दूसरे चरण में जनसंख्या गणना होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरुकता की कमी और विभिन्न प्रकार की भ्रांतियों के कारण प्रगणकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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रायसिंहनगर. गांव में जनगणना करता प्रगणक।

Census in Rajasthan: श्रीगंगागनर/रायसिंहनगर। राजस्थान सहित देशभर में आजादी के बाद आठवीं जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2021 में प्रस्तावित जनगणना नहीं हो सकी थी, जिसके बाद अब 2026-27 में इसे नए डिजिटल स्वरूप में कराया जा रहा है । ग्रामीण क्षेत्रों में जागरुकता की कमी और विभिन्न प्रकार की भ्रांतियों के कारण प्रगणकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ।

ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों के मन में यह भ्रम बना हुआ है कि यदि वे अपनी पूरी जानकारी जनगणना में दर्ज करवाएंगे तो राजस्थान सरकार से मिलने वाली योजनाओं और सुविधाओं पर असर पड़ सकता है। कई लोगों को यह भी डर है कि आर्थिक स्थिति से जुड़ी जानकारी देने पर भविष्य में मिलने वाले लाभ बंद हो सकते हैं। इसी कारण लोग अधूरी जानकारी दे रहे हैं या जानकारी साझा करने से कतरा रहे हैं।

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प्रशासन की लोगों से अपील, जनगणना गोपनीय प्रक्रिया

प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि जनगणना पूरी तरह गोपनीय प्रक्रिया है और इसका उद्देश्य केवल देश की वास्तविक जनसंख्या और सामाजिक-आर्थिक स्थिति का आंकलन करना है। इस कार्य को पूरा करने के लिए उपखंड में ग्रामीण क्षेत्र के लिए जनगणना प्रभारी के अलावा ब्लॉक इंचार्ज, 301 प्रगणक और 57 पर्यवेक्षक लगाए गए हैं, जो 358 राजस्व गांवों की जनसंख्या की गणना करेंगे।

मिली जानकारी के अनुसार जनगणना दो चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में हाउस लिस्टिंग और आवास गणना की जाएगी, जिसमें मकानों की स्थिति, सुविधाओं और संपत्ति संबंधी जानकारी जुटाई जाएगी। दूसरे चरण में जनसंख्या गणना होगी, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और प्रवासन से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसी चरण में जातिगत गणना भी प्रस्तावित है।

ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों मोड में

इस बार 2026-27 की जनगणना में डिजिटल तकनीक का उपयोग होगा। इससे सीधे डिजिटल सिस्टम में डेटा फीड किया जा रहा है। प्रगणक मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा दर्ज कर रहे हैं और नागरिकों को ऑनलाइन स्वयं जानकारी भरने का विकल्प भी दिया गया है। यह प्रणाली ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों मोड में काम करेगी और लगभग 16 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगी।

गलत जानकारी देना पड़ सकता है भारी

गलत जानकारी देने या तथ्य छिपाने से सरकार तक वास्तविक आंकड़े नहीं पहुंच पाएंगे, जिससे आगामी विकास कार्यों की प्रभावी रणनीति बनाना प्रभावित हो सकता है। साथ ही अंतिम छोर पर बैठे जरूरतमंद व्यक्ति तक राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ भी नहीं पहुंच पाएगा। जानबूझकर गलत जानकारी देने पर कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान है। सरकार की राशन, आवास, पेंशन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी योजनाएं जनगणना के आंकड़ों पर आधारित होती हैं। गलत जानकारी से वास्तविक जरूरतमंद सुविधाओं से वंचित रह सकते हैं।

इनका कहना है

ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ लोगों के बीच यह भ्रम फैल रहा है कि जानकारी देने से सरकारी योजनाओं का लाभ बंद हो सकता है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। नागरिकों को बिना किसी डर या भ्रम के सही एवं पूर्ण जानकारी देनी चाहिए, क्योंकि आज के सटीक आंकड़े ही कल के विकास की दिशा तय करेंगे।

  • हर्षिता मिड्ढा, जनगणना प्रभारी व राजस्व तहसीलदार, रायसिंहनगर।

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Published on:
18 May 2026 05:29 pm
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