
श्रीगंगानगर.
बीकानेर जिले के लूणकरणसर में किसानों की 35 से 40 रुपए बिकने वाली मूंगफली श्रीगंगानगर में ग्राहक तक पहुंचने में 90 से 100 रुपए प्रति किलो हो जाती है। । कहने को तो गरीबों के मेवे के नाम से मशहूर है मूंगफली, लेकिन सौ रुपए किलो भाव सुनते ही ख्याल आता है कि ये अब अमीरों को मेवा हो गया है। । सर्दी शुरू होते ही नेशनल हाईवे पर सुखाडिय़ा सर्किल से बाइपास तक दोनों तरफ करीब 30 अस्थाई भट्टियां मूंगफली सेकने वालों ने लगा रखी हैं। ।
यूपी के मुरादाबाद से मुस्लिम परिवारों के ये लोग हर साल यहां आते हैं। इनकी माने तो जोधपुर , बीकानेर और लूणकरणसर से कच्ची मूंगफली खरीदकर यहां नमक में सेककर बेचते हैं। । अभी सीजन शुरू हुआ है तो रोजाना बीस से तीस किलो मूंगफली रोजाना बिक रही है। सर्दी बढऩे के साथ काम भी बढऩे की उम्मीद है।
कच्ची मूंगफली का भाव
जोधपुर 70 रुपए किलो
बीकानेर 65 रुपए किलो
लूणकरणसर 65 रुपए किलो
मजदूरी ही बनती है
मूंगफली को नमक में सेकते हैं। नमक और लकड़ी का खर्च प्रति किलो दस रुपए आ जाता है। खर्च प्रति किलो करीब 75 रुपए आ जाता है। इसे 90 रुपए किलो के हिसाब से बेचते हैं। । वहीं अगर कोई 250 ग्राम खरीदना चाहे तो उसे 25 रुपए लेते हैं। । इस तरह एक भट्टी पर लगे दो जनों की शाम तक मजदूरी ही बन पाती है।
वसीम खान, अस्थाई दुकानदार।