Moong MSP: राजस्थान के श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले में इस बार मूंग की बंपर पैदावार हुई है, लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) नहीं मिलने से किसानों को घाटा लग रहा है। किसान औने-पौने दाम पर अपनी फसल बिक्री करने को मजबूर हैं।
श्रीगंगानगर। श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले में इस बार मूंग की फसल बंपर रही, लेकिन किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी होती जा रही हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अब तक मूंग की खरीद शुरू नहीं हो पाई है। दो माह से किसान अपनी मेहनत की फसल औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर हैं, जबकि सरकारी खरीद केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। दोनों जिलों में 3.22 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में मूंग की फसल हुई है, जिससे करीब 3,09,665 मीट्रिक टन मूंग का उत्पादन का अनुमान है।
मूंग का एमएसपी 8768 रुपए प्रति क्विंटल तय है, जबकि मंडियों में मूंग का भाव 5500 से 7200 रुपए के बीच ही चल रहा है। श्रीगंगानगर अनाज मंडी में मंगलवार को 3285 क्विंटल मूंग की आवक हुई। हर क्विंटल पर 1568 की चपत के हिसाब से ही किसानों को एक दिन में 51 लाख की चपत लग गई।
राजफैड ने 27 सितंबर 2025 को ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन गिरदावरी की औपचारिकता में उलझन से पंजीकरण में देरी हुई। अब जब अधिकांश किसानों ने पंजीकरण करवा लिया है, तो भी खरीद शुरू होने में असमंजस की स्थिति है। राजफैड ने श्रीगंगानगर में 43 खरीद केंद्र बनाए हैं, जहां 13,347 किसानों ने मूंग और 683 किसानों ने मूंगफली के लिए पंजीकरण करवाया है। हनुमानगढ़ जिले में 10 केंद्रों पर 6679 मूंग और 2137 मूंगफली उत्पादक किसानों ने पंजीकरण करवाया है।
संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधि अमरसिंह बिश्नोई, किसान आर्मी के मनिंदर सिंह मान सहित अन्य किसान संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि एक नवंबर से खरीद शुरू नहीं हुई, तो किसानों को एमएसपी के लाभ से वंचित करने के खिलाफ आंदोलन की तैयारी की जाएगी।
श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिले में मूंग की एमएसपी पर खरीद एक नवंबर से शुरू होने की संभावना है, लेकिन अभी तारीख तय नहीं की गई। -हरिसिंह, क्षेत्रीय अधिकारी राजफैड, श्रीगंगानगर