नए साल के पहले दिन श्रीगंगानगर शहर में हत्या से सनसनी फैल गई। सदर थाना क्षेत्र में कार से युवक पालाराम जाट का शव मिला। महिला को कॉल कर ब्लैकमेल से नाराज परिजनों ने उसे खेत बुलाकर पीटा, शराब पिलाई और हत्या कर शव कार में छोड़ फरार हो गए।
Sri Ganganagar Crime: नए साल के पहले ही दिन श्रीगंगानगर शहर में हत्या की वारदात से सनसनी फैल गई। सुबह सदर थाना क्षेत्र के हनुमानगढ़ रोड स्थित चेताली एनक्लेव के पास खड़ी एक कार से युवक का शव मिला।
बता दें कि कुछ ही देर में मौके पर भीड़ लग गई और वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। गुरुवार शाम मृतक की पहचान हनुमानगढ़ जिले के फतेहगढ़ निवासी पालाराम जाट के रूप में हुई।
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जानकारी के मुताबिक, लालगढ़ जाटान निवासी एक महिला को बार-बार फोन कर ब्लैकमेल करने से गुस्साए परिवार ने पालाराम को ठिकाने लगाने के लिए हत्या की साजिश रच डाली। मृतक के चाचा राकेश कुमार ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि पालाराम के भतीजे हनुमानगढ़ सतीपुरा निवासी उग्रसेन, उग्रसेन के ससुर लालगढ़ जाटान निवासी प्रेमनैण, चाचा ससुर मदन नैण, साले मोनू, सोनू और राजू गोदारा सहित करीब आठ लोगों ने हत्या की साजिश रची।
रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने बुधवार को पालाराम को खेत में कम्बाइन मशीन चलाने के बहाने बुलाया। वहां पहले पुरानी बात को लेकर उससे झगड़ा किया, फिर उसे रीको एरिया ले जाकर शराब पिलाई और पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव कार में डालकर चेताली एनक्लेव के पास कार खड़ी कर फरार हो गए।
एफएसएल और एमओबी टीम ने जांच की तो कार की नंबर प्लेट पर मिट्टी लगी मिली। दोनों खिड़कियों पर खून से सने हाथों के निशान भी दिखाई दिए। सीओ सिटी विशाल जांगिड़ ने बताया कि हालात गंभीर और सुनियोजित साजिश की ओर इशारा कर रहे थे। सीआई सुभाषचंद्र ने बताया कि घटना के बाद आरोपियों के परिजनों ने ही फतेहगढ़ पहुंचकर मृतक के परिवार को वारदात की जानकारी दी और शव की लोकेशन बताई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पालाराम ने अपने भतीजे उग्रसेन के ससुराल में एक महिला रिश्तेदार से संपर्क बनाने के लिए बार-बार कॉल किए थे। महिला के परिजनों ने उसे समझाया था, लेकिन वह नहीं माना।
हत्या का समय बुधवार शाम से लेकर गुरुवार सुबह दस बजे तक के बीच में माना जा रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद यह पहलू साफ हो सकेगा कि उसकी हत्या कब की होगी। आरोपियों से पूछताछ के बाद ही सही बात पता चलेगी।
-डॉ. अमृता दुहन, पुलिस अधीक्षक श्रीगंगानगर