जिला रसद अधिकारी कविता ने बताया कि गिव अप अभियान की अंतिम तिथि 31 अगस्त है। तब तक अपात्र उपभोक्ता अपना नाम सूची से हटवा सकते हैं।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के गिव अप अभियान में जिले के 91466 अपात्र उपभोक्ताओं ने खाद्य सुरक्षा योजना की सूची से अपना नाम हटवा लिया है। इसका फायदा उन पात्र उपभोक्ताओं को मिला है जो लंबे समय से खाद्य सुरक्षा योजना की सूची में अपना नाम जुड़ने का इंतजार कर रहे थे। गिव अप अभियान के चलते इस सूची में 1 लाख 28 हजार नए उपभोक्ता जुड़े हैं।
जिला रसद अधिकारी कविता ने बताया कि गिव अप अभियान की अंतिम तिथि 31 अगस्त है। तब तक अपात्र उपभोक्ता अपना नाम सूची से हटवा सकते हैं। उसके बाद विभाग की जांच में कोई अपात्र उपभोक्ता खाद्य सुरक्षा योजना का गेहूं लेते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी और उठाए गए राशन की वसूली होगी।
जिले में खाद्य सुरक्षा से लाभान्वितों की संख्या 11 लाख 77 हजार 506 थी। इनमें से 91466 ने स्वेच्छा से अपने नाम हटवा लिए हैं। प्रदेश में गिव अप अभियान 1 नवम्बर 2024 को शुरू हुआ। इस अभियान का उद्देश्य सक्षम लोगों को स्वेच्छा से खाद्य सब्सिडी त्यागने के लिए प्रेरित करना है ताकि गरीबों को खाद्य सुरक्षा का लाभ मिल सके। प्रदेश में अब तक 27 लाख लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना की सूची से नाम हटवाए हैं। श्रीगंगानगर जिले में सर्वाधिक 21343 नाम श्रीगंगानगर ब्लॉक में हटे हैं, जबकि सबसे कम 5839 नाम श्रीकरणपुर ब्लॉक में हटे हैं।
खाद्य सुरक्षा अंतर्गत जुड़े ऐसे परिवार जिनमें कोई सदस्य आयकर दाता हो, कोई सदस्य सरकारी/ अर्द्धसरकारी/ स्वायत्तशासी संस्था में कर्मचारी हो, एक लाख से अधिक वार्षिक पारिवारिक आय हो एवं किसी सदस्य के पास चार पहिया वाहन हो (ट्रैक्टर आदि जीविकोपार्जन में प्रयुक्त वाहन को छोड़कर), निष्कासन सूची में शामिल है।