
Karnataka BJP President Vijayendra allegations: कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के हालिया मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य सरकार और कांग्रेस आलाकमान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने आरोप लगाया है कि यह मंत्रिमंडल विस्तार सुशासन के लिए नहीं, बल्कि सत्ता की खींचतान, धनबल और दिल्ली से संचालित राजनीति का नतीजा है।
विजयेंद्र ने तंज कसते हुए कहा कि वे शुरू से कह रहे थे कि मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख इसलिए तय नहीं हो पा रही थी क्योंकि मंत्री पदों का रेट तय नहीं हुआ था। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों के बयानों ने उनके आरोपों को सच साबित कर दिया है। विजयेंद्र ने कहा कि पूर्व मंत्री टीबी जयचंद्र ने खुद को कांग्रेसी कहने पर शर्मिंदगी जताई, जबकि विधायक एसआर श्रीनिवास ने कहा कि पैसे न दे पाने के कारण उन्हें मंत्री पद नहीं मिला। पूर्व मंत्री थिम्मापुर ने खुलकर आरोप लगाया कि केवल पैसे देने वालों और प्रभाव रखने वालों को ही मंत्री बनाया गया है।
विजयेंद्र ने कांग्रेस के महिला सशक्तिकरण के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अंतिम समय में एमएलए गायत्री शांतेगौड़ा का नाम सूची से हटा दिया गया, जिससे कैबिनेट में एक भी महिला शामिल नहीं हो सकी। उन्होंने इसे महिला विरोधी रवैया करार दिया।
इसके अलावा, वल्मीकि विकास निगम घोटाले में आरोपी बी. नागेंद्र को दोबारा कैबिनेट में शामिल करने पर सवाल उठाते हुए विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि नागेंद्र द्वारा हाईकमान के राज खोलने की धमकी देने के बाद ही उन्हें मजबूरी में मंत्री बनाया गया है।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कर्नाटक में प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान का नतीजा है। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बीच वर्चस्व और सत्ता को लेकर लंबे समय से मतभेद चल रहे हैं, जिसका असर अब मंत्रिमंडल गठन और विभागों के बंटवारे पर भी साफ दिखाई दे रहा है। भाजपा नेता ने यह भी कहा कि मंत्रियों के विभाग तय करने के लिए मुख्यमंत्री का बार-बार दिल्ली जाकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा करना कर्नाटक के राजनीतिक इतिहास में अभूतपूर्व है। उनके मुताबिक, इससे साफ संकेत मिलता है कि राज्य सरकार महत्वपूर्ण फैसले लेने में पूरी तरह स्वतंत्र नहीं है और आंतरिक मतभेदों के कारण शासन प्रभावित हो रहा है।