
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से जवानों की इंसानियत और संवेदनशीलता की तस्वीर सामने आई है। स्वतंत्रता दिवस की सुरक्षा ड्यूटी पूरी कर लौट रहे DRG (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के जवानों ने एक जरूरतमंद मरीज की मदद के लिए ऐसा कदम उठाया, जिसकी अब हर तरफ सराहना हो रही है। अस्पताल पहुंचने के लिए वाहन नहीं मिलने पर जवानों ने मरीज को चारपाई समेत अपने कंधों पर उठाया और पैदल ही अस्पताल तक पहुंचाया।
यह मामला भीमापुरम इलाके का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, DRG गोल्फ टीम के जवान स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था में तैनात थे। ड्यूटी पूरी करने के बाद जवान वापस लौट रहे थे। इसी दौरान भीमापुरम में उनकी नजर एक परिवार पर पड़ी, जो एक मरीज को चारपाई पर लेकर अस्पताल पहुंचाने की कोशिश कर रहा था।
बताया जा रहा है कि मरीज की हालत गंभीर थी और उसे जल्द से जल्द इलाज की जरूरत थी। परिवार के सामने सबसे बड़ी परेशानी अस्पताल तक पहुंचने के लिए वाहन की थी। ऐसे समय में DRG जवानों ने स्थिति को समझते हुए बिना किसी देरी के मरीज की मदद करने का फैसला किया। जवानों ने चारपाई को अपने कंधों पर उठाया और मरीज को लेकर पैदल ही अस्पताल की ओर निकल पड़े। जवान मरीज को रायगुड़ा कैंप स्थित CRPF अस्पताल तक लेकर पहुंचे। अस्पताल पहुंचने के बाद मरीज को उपचार के लिए भर्ती कराया गया।
DRG जवानों की यह पहल इसलिए भी खास है क्योंकि वे स्वतंत्रता दिवस की सुरक्षा व्यवस्था जैसी महत्वपूर्ण ड्यूटी पूरी करके लौट रहे थे। ड्यूटी से लौटते समय उन्होंने एक जरूरतमंद परिवार की परेशानी देखी और अपनी थकान की परवाह किए बिना मदद के लिए आगे आए। माओवाद प्रभावित बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले जवानों का यह मानवीय पक्ष लोगों के सामने आया है। जिन कंधों पर इलाके की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, उन्हीं कंधों ने एक मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए चारपाई भी उठाई।
जवानों की इस पहल ने सुरक्षा बलों के मानवीय और संवेदनशील पक्ष को सामने रखा है। स्थानीय लोगों ने भी DRG जवानों के इस प्रयास की सराहना की है। सुकमा की इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि कठिन परिस्थितियों में भी इंसानियत सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। DRG जवानों ने समय पर मदद का हाथ बढ़ाकर जरूरतमंद मरीज को अस्पताल पहुंचाया और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की।