सुल्तानपुर

बेहद खास है सुलतानपुर की रामलीला, अयोध्या के कलाकार करते हैं मंचन

धूमधाम से निकली शिव बारात...
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ramleela ke rang
बेहद खास है सुलतानपुर की रामलीला, अयोध्या के कलाकार करते हैं मंचन

सुलतानपुर. बोतल में केरोसिन तेल भरकर बने मशाल की रोशनी में वर्ष 1902 में शुरू हुई रामलीला का अब हाई मास्ट लाइटों में मंचन हो रहा है। जनचर्चा के अनुसार, शहर में सबसे पहले बनवारीलाल कसौधन ने लखनऊ नाका (अब रामलीला मैदान) में एक नाट्य मण्डली बुलाकर रामलीला का मंचन कराया था। बताया जाता है कि नाट्य मंडली ने पूरी रामलीला एक ही रात में पूरी कर दी थी, यानी एक ही रात में सम्पूर्ण रामायण का मंचन किया गया था। 95 वर्षीय रघुनाथ लाल श्रीवास्तव के अनुसार, इसी रामलीला से प्रेरित होकर भदैया ब्लॉक के बिकवाजितपुर निवासी कुंवर बहादुर लाल श्रीवास्तव ने गांव में मेला लगवाकर क्षेत्र में पहली बार रामलीला का मंचन 1905 में कराया, जिसकी कोसों दूर तक चर्चा हुई। उसके बाद तो छोटे-छोटे कस्बों में भी रामलीला का मंचन होने लगा।

वर्षों से चली आ रही परम्परा के अनुसार, इस साल भी रामलीला मंचन होने के पहले बीती रविवार रात धूम-धड़ाके के साथ शंकर जी की बारात निकाली गयी। बारात में भूत-प्रेत, पिशाच तथा अघोरी बाराती बने। जगह-जगह भगवान भोलेनाथ की आरती उतारी गई। दूल्हे की अगवानी में महिला श्रद्धालुओं ने काफी दिलचस्पी दिखाई। इसी के साथ लखनऊ नाका (रामलीला मैदान) की रामलीला का श्री गणेश हो गया।

झांकियों ने मोहा मन
अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत शिव सिंह की अगुवाई में बाबा सागरदास रामलीला मंडली ने सैकड़ों वर्षों से चली आ रही लखनऊ नाका की रामलीला में रामकथा के मंचन की परंपरा को इस रामलीला को नया आयाम दिया। इस बार शंकर जी के बारात के साथ-साथ ब्रह्मा, विष्णु और महेश की झांकियां भी बहुत आकर्षक रहीं। रामलीला मंडली ने पहले गणेश जन्म फिर सीता जन्म और फिर नारद मोह से रामलीला का मंचन शुरू कर दिया।

अयोध्या के कलाकार निभा रहे ये रोल
अयोध्या से आये कलाकारों में राघवेंद्र नाम के अनुरूप मर्यादा पुरुषोत्तम राम की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि रावण की भूमिका भूपेंद्र शुक्ल निभा रहे हैं। हनुमानजी का रोल यशपाल सिंह कर रहे हैं। कैकेयी और कौशल्या और सुमित्रा का रोल क्रमशः ओमप्रकाश मिश्र ,दीनानाथ और शीतला प्रसाद कर रहे हैं। विभीषण की भूमिका कृष्ण मुरारी पांडेय निभा रहे हैं और कुम्भकर्ण की भूमिका जनार्दन द्विवेदी। मंडली के अगुवा शिवसिंह खुद वाद्ययंत्रों पर सुरों को साधते हुए नाट्य मंचन का निर्देशन करेंगे।

Updated on:
15 Oct 2018 05:25 pm
Published on:
15 Oct 2018 05:25 pm
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